नई दिल्ली. ( PIB Delhi) . प्रधानमंत्री ने रविवार को ताशकंद में शास्त्री स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की (Prime Minister lays wreath at Shastri Memorial and visits Tashkent State University of Oriental Studies)। इस वर्ष ताशकंद में 1965 में पूर्व प्रधानमंत्री के निधन की 60वीं बरसी है। यह स्मारक श्री लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर रखी गई सड़क पर स्थित है। ताशकंद में पूर्व प्रधानमंत्री के जीवन और उनकी विरासत को बेहद सम्मान के साथ याद किया जाता है। इस स्मारक तथा सड़क के अलावा, ताशकंद में एक स्थानीय विद्यालय और भारतीय सांस्कृतिक केन्द्र का नाम भी उनके नाम पर रखा गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!शास्त्री स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद, प्रधानमंत्री ने ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज का दौरा किया। इस विश्वविद्यालय में, उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री और रेक्टर ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस विश्वविद्यालय के महात्मा गांधी केन्द्र में शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल इंडोलॉजिस्ट और विद्वानों से बातचीत की। हिंदी भाषा और अन्य भारतीय विषयों को पढ़ाने के मामले में इस विश्वविद्यालय का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। अपनी राजकीय यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री ने उज्बेक विद्यार्थियों के लिए हिंदी भाषा हेतु ‘लाल बहादुर शास्त्री छात्रवृति’ की घोषणा की। इस वर्ष इस विश्वविद्यालय में हिंदी पढ़ाने के 80 वर्ष पूरे हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक समानता को देखते हुए, उज्बेक विद्यार्थियों में हिंदी सीखने के प्रति काफी ललक है। उज्बेक और हिंदी भाषाओं में 3000 से अधिक शब्द समान हैं।
