राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन पर आयोजित सेंट्रल झोन वाईस चांसलर कॉन्फ्रेंस
भोपाल, 2 फरवरी । campussamachar.com, राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रदेश की सभी शिक्षण संस्थाओं का यह दायित्व है कि वह ऐसी पीढ़ी का निर्माण करे, जो राष्ट्र के प्रति सजग रहे, अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करे, वंचितों के लिये कार्य करके देश एवं समाज में आमूलचूल परिवर्तन लाये। विकसित भारत के निर्माण के लिये यह आवश्यक है कि नई शिक्षा नीति ऐसी हो, जिसमें युवाओं का स्किल डेवलपमेंट हो। उन्हें रोजगार के विभिन्न अवसर प्राप्त हो। विद्यार्थी अपनी पसन्द के क्षेत्र में ज्ञान अर्जित कर सकें।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!MP news today : राज्यपाल पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP 2020 ) में कला, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, डिजिटल टेक्नालॉजी, संस्कृति आदि को शामिल किया गया है, जो युवाओं के लिये अनन्त संभावनाओं के द्वार खोलता है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थाएं हमेशा नये विचारों, नई प्रेरणाओं, नये प्रयोगों को शामिल करें। राज्यपाल पटेल उज्जैन में विक्रम विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन पर आयोजित सेंट्रल झोन वाईस चांसलर कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए।
सेंट्रल झोन वाईस चांसलर कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं उत्तराखण्ड के 270 से अधिक शासकीय एवं अशासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षाविद, प्राध्यापक शामिल हुए। कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन की समीक्षा और चुनौतियों पर चर्चा हुई।
bhopal news today : यूजीसी के चेयरमेन एम.जगदीश कुमार (UGC chairman) ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 से भारतीय शिक्षा प्रणाली में परिवर्तनकारी बदलाव आ रहे हैं। विभिन्न हितधारकों के बीच नीति के विवरणों को प्रसारित करने और उच्चतर शैक्षणिक संस्थानों ने इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिये हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। यूजीसी के द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न प्रावधानों के बारे में क्षेत्र के प्रबंधन, शैक्षणिक, प्रशासनिक सदस्यों और अन्य हितधारकों के सन्दर्भ में जानकारी को सुगम बनाया जा रहा है।
bhopal news : विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति अखिलेश कुमार पाण्डे ने विक्रम विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में 280 कोर्स वर्तमान में संचालित किये जा रहे हैं। बहुउद्देशीय अनुसंधान, फॉरेंसिक साइंस, डिजिटल टेक्नालॉजी के पाठ्यक्रम भी इसमें शामिल हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य है कि विद्यार्थियोयं में स्कील डेवलपमेंट विकसित हो एवं वे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम लेकर रोजगार प्राप्त करें। उन्होंने बताया कि कम्प्यूटर साइंस एवं बीएससी के बच्चों ने विभिन्न मॉडल भी डेवलप किये हैं। इसके पूर्व राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन से सम्बन्धित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन कुलानुशासक शैलेंद्र कुमार शर्मा एवं आभार प्रदर्शन कुल सचिव अनिल शर्मा ने किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रोफेसरगण, विद्यार्थी उपस्थित थे।
