वतन सुरक्षा में जो बलिदान हुए पूज्य- अखिलेश त्रिवेदी “शास्वत”
लखनऊ,22 जून । राष्ट्ररक्षा में तत्परता सभी का कर्तव्य हैं। सैनिकों के शौर्य और पराक्रम से ही देश सुरक्षित रहता है। समाज-राष्ट्र का कार्य करने के लिए प्रबल इच्छा शक्ति की जरूरत होती हैं। यह इच्छा शक्ति शहीदों के पुण्य स्मरण से ही आता है।
उक्त बाते कारगिल युद्ध में टाइगर हिल को जीतने में अहम भूमिका निभाने वाले शहीद मेजर अंशु सक्सेना के बलिदान दिवस पर कर्तव्या फाउण्डेशन (Kartavya Foundation) द्वारा आयोजित ‘शहीद स्मृति श्रद्धांजली सभा’ मूरलीनगर में कैंट के पूर्व विधयक सुरेश तिवारी ने मुख्य वक्ता के रूप में कहीं। उन्होनें आगे कहा कि हम सभी विकसित भारत अभियान में अपनी भूमिका का निर्वहन करें। देश की सुरक्षा संरक्षा का कर्तव्य निर्वहन ही शहीद मेजर अंशु सक्सेना को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

विशिष्ट अतिथि पूर्व सैनिक सेवा परिषद् अवध प्रांत के अध्यक्ष कर्नल वीरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि युवा ही राष्ट्र की रीढ़ है । युवाओं में राष्ट्रभक्ति जागृति कर ही राष्ट्र को ऊर्जावान बनाया जा सकता है। देश के खतिर अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों का सम्मान और अनके सपनों को साकार करना हम सभी का कर्तव्य हैं।
विशिष्ट अतिथि सेवा भारती कि उपाध्यक्षा श्रीमती मंजू सिंह ने सैनिकों के सौर्य गाथा का वर्णन करते हुए कहा कि कहा कि हम सभी समाज राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर अपनी समस्त प्रतिभा छमता देश के सर्वांगीण विकास में लगाए। जिससे बलिदानियों के स्वप्नों का भारत बनाया जा सकें ।

कर्तव्या फाउण्डेशन के अध्य्क्ष एवं प्रसिद्ध समाज सेवी सुभाष चन्द्र अग्रवाल ने स्मृति सभा की अघ्यक्षता कर युवा पीढ़ी को देश की आशाओं का केन्द्र-बिन्दु बताते हुए अनमें देश प्रेम की भावना भरने तथा मानवता व नैतिक मुल्यों से शिक्षित करने पर जोर दिया और कहा कि हमें शहीद मंजर अन्शु सक्सेना से प्रेरणा लेकर अपने कार्य क्षेत्र में प्रमाणिकता से कार्य करते हुए समाज के लिए जीना चाहिए।
शहीद स्मृति श्रद्धांजली सभा के संयोजक एवं कर्तव्या फाउंडेशन के महासचिव डॉ हरनाम सिंह ने कहा कि आज देश के लिए मरने की नहीं जीने की आवश्यकता है। शहीद मेजर अंशु सक्सेना ने कारगील युध में टाइगर हिल को जीतने में अहम भूमिका निभाई थी । मात्र 36 वर्ष की आयु में कुपवाड़ा में उग्रवादियों से हुए संघर्ष में आप ने वीरगती पाई थी । इस अवसर पर शहीदों से प्रेरणा लेकर विकसित भारत के लिए अपनी समस्त प्रतिभा क्षमता समर्पित करने और देश की सुख-शांति – समृधि के लिए संकल्प दिलाया।

मुरलीनगर के पार्षद अमित चौधरी ने कहा कि मेजर अंशू सक्सेना ने अपना जीवन देश की सुरक्षा में समर्पित किया हम सभी देश को सशक्त – समृद्ध बनाने में अपना जीवन लगाएं।
उत्तराखंड परिषद के अध्यक्ष हरीश पंत ने श्रधांजली अर्पित करते हुए कहा कि मेजर अंशु सक्सेना का बलिदान युगों तक प्रेरणा पुंज बनकर समाज को प्रकाशित करता रहेगा।

शहीद मेजर अंशू सक्सेना की जीवन वृत्त का वर्णन करते हुए राजधानी कोऑपरेटिव बैंक के निदेशक चेतन मल्होत्रा ने कहा कि अपनी माता जी के इक्षानुसार इन्होने भारतीय सेना में भर्ती होने का निश्चय किया था क्योंकि एम् ए अर्थशास्त्र करने के बाद आप आई बी और सी डी एस दोनों परीक्षाओं में चयनित हुए थे ।

ओज के वरिष्ठ कवि अखिलेश त्रिवेदी शास्वत ने अपनी कविता “वतन सुरक्षा में जो बलिदान हुए पूज्य” एवं मानस मुकुल त्रिपाठी ने “वतन के लिए जान देते रहेंगे”, “धरती भारत वर्ष कि हल्दी कुम कुम, इत्र’’ की कविताओं के माध्यम से श्रधान्जली अर्पित किया।

श्रद्धांजली कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूर्व सैनिक सेवा परिषद् के प्रान्त महासचिव सूबेदार मेजर बी एल वर्मा, सूबेदार मेजर वी पी चौधरी, अग्रवाल सभ छावनी के मंत्री मंदर अग्रवाल, बाल आयोग के सदस्य श्याम जी त्रिपाठी, विनीत यादव, जी पी श्रीवास्तव, कन्हैया लाल चंदानी, रमाकांत, प्रमोद मिश्र, सी पी शर्मा, रितेश सिंह रानू, रोहित सैनी, प्रमोद शर्मा, अवधेश गुप्ता, ललित मोहन, राम हौसला सिंह, राजेश सिंह, मनोज अग्रवाल, कृष्ण मोहन शुक्ल, रमाकांत सिंह, मनीष मिश्र, अतुल सिंह, वेदांत मल्होत्रा, के के राय सहित स्थनीय लोगों ने शाहिद मेजर अंशु सक्सेना को श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत माता की आरती के साथ शहीद स्मरति सभा का समापन हुआ ।
