लखनऊ. लखनऊ विश्वविद्यालय सहयुक्त महाविद्यालय शिक्षक संघ ( लुआक्टा ) नेता कई मुद्दों पर लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर जेपी सैनी के खिलाफ आये दिन मोर्चा खोले रहते हैं लेकिन आज ऐसा हुआ कि लुआक्टा के अध्यक्ष डा मनोज पांडेय और महामन्त्री डा अंशु केडिया ने कुलपति प्रोफ़ेसर जेपी सैनी का आभार जताया है .
आइये जानते हैं क्या है पूरा मामला –
लुआक्टा अध्यक्ष प्रोफ़ेसर मनोज सोशल पाण्डेय ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि सभी को सादर अवगत कराना है कि आज 30 सितम्बर 2026 को एकेडमिक कौंसिल की बैठक सम्पन्न हुई, लुआक्टा द्वारा शोध अध्यादेश मे संशोधन कर तीन प्रस्ताव-
1– महाविद्यालय के शिक्षकों को भी अंशकालिक छात्रों को शोध कारने हेतु शोध पर्यवेक्षक बनाया जाय l
2– शोध में पाल्य प्रवेश हेतु महाविद्यालय के शिक्षकों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर मे उनके अनुमन्य सुपरन्युमेरिक सीटो की तरह शोध में भी प्रवेश के लिए उक्त लाभ दिया जाय l
3– स्नातक स्तर पर अध्यापन करने वाली शशिभूषण बालिका महाविद्यालय, लखनऊ एवं शशिभूषण गर्ल्स महाविद्यालय, लखनऊ की शिक्षिकाओं को पूर्व की भाँति शोध पर्यवेक्षक बनाया जाय l
इन प्रस्तावो को पारित किये जाने हेतु पूर्व में कुलपति से वार्ता की गयी थी, तथा कुलपति द्वारा इस पर अपनी सहमति व्यक्त की गयी थी l आज एकेडमिक कौंसिल की सम्पन्न बैठक में तीनो प्रस्ताव पारित कर दिया गया है l इस प्रकार लखनऊ विश्वविद्यालय से सह्युक्त महाविद्यालय के शिक्षकों को अंशकालिक छात्रों के शोध पर्यवेक्षण, शोध में प्रवेश हेतु सुपरन्युमेरिक सीटो की व्यवस्था के साथ साथ शशि भूषण बालिका महाविद्यालय, लखनऊ एवं कृष्णा देवी गर्ल्स महाविद्यालय, लखनऊ की शिक्षिकाओं को पुन: शोध कारने का अधिकार प्राप्त हो गया है l लुआक्टा के साथियों को बधाई एवं मा कुलपति महोदय का आभार l
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