लखनऊ | करामत हुसैन मुस्लिम गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, लखनऊ ( Karamat Husain Muslim Girls (P.G.)College Lucknow ) में कॉलेज के मैनेजर सैयद नावेद अहमद साहब एवं कॉलेज की प्राचार्या प्रो. हुमा ख़्वाजा के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में 04 अक्तूबर को करामत हुसैन मुस्लिम गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, लखनऊ ( Karamat Husain Muslim Girls (P.G.)College Lucknow) के शिक्षा विभाग एवं मौलाना आज़ाद अकादमी, लखनऊ के संयुक्त तत्त्वावधान में द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. शशिकांत पाण्डेय, पूर्व विभागाध्यक्ष, राजनीतिशास्त्र विभाग, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ एवं और विशिष्ट अतिथि डॉ.अब्दुल क़ुद्दूस हाशमी, महासचिव, मौलाना आजाद अकादमी, लखनऊ की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की।
कार्यक्रम का आरंभ दुआ से हुआ। अतिथिगण का स्वागत फूल और स्मृति-चिन्ह भेंट कर किया गया। छात्राओं ने स्वागत गीत एवं ग़ज़ल प्रस्तुत की तथा भाषण के माध्यम से मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। । शिक्षाशास्त्र विभाग की अध्यक्ष प्रो. ख़ालिदा अख़्तर ने मुख्य अतिथि प्रो. एस.के. पाण्डेय का परिचय दिया तथा उनके योगदान पर प्रकाश डाला। शिक्षाशास्त्र विभाग की डॉ. गुलनाज़ ख़ान ने डॉ. अब्दुल क़ुद्दूस हाशमी का परिचय दिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. शशिकांत पाण्डेय एवं डॉ. अब्दुल क़ुद्दूस हाशमी ने संगोष्ठी में ‘मौलाना आजाद की शैक्षिक दृष्टि और विकसित भारत 2047: महिला सशक्तीकरण की भूमिका’ विषय पर विचार व्यक्त किए। मुख्य अतिथि प्रो. शशिकांत पाण्डेय ने मौलाना आज़ाद के विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “शिक्षा की गुणवत्ता अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। शिक्षा का उद्देश्य सह-अस्तित्व और चरित्र निर्माण होना चाहिए।” डॉ अब्दुल कुड्डूस हाशमी ने कहां की महिला सशक्तिकरण के लिए महिलाओं का शिक्षित, जागरूक एवं आत्मनिर्भर होना अत्यन्त आवश्यक है।
कॉलेज ( Karamat Husain Muslim Girls (P.G.)College Lucknow ) की प्राचार्या प्रो. हुमा ख़्वाजा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और कहा कि ज़माना उन्हें ही हरा सकता है जिन्होंने आगे बढ़ने की का इरादा छोड़ दिया हो। उन्होंने महिला शिक्षा के क्षेत्र में मौलाना आज़ाद के साथ ही जस्टिस करामत हुसैन के योगदान पर भी प्रकाश डाला। शिक्षाशास्त्र विभाग की डॉ. शाहीन फ़ातिमा ख़ान ने आभार ज्ञापन किया।
इस अवसर पर मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालती हुई एक फोटो प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। छात्राओं के लिए निबंध-लेखन, पोस्टर एवं नारा-लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया और छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।
