- मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में गरुड़ पोर्टल के माध्यम से नगरीय निकायों में सुशासन और आधुनिक प्रबंधन को मिली नई पहचान
भोपाल . मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सशक्त नेतृत्व और मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश नगरीय विकास, सूचना प्रौद्योगिकी तथा आधुनिक तकनीकों के समन्वय से प्रशासनिक दक्षता के नए मानदंड स्थापित कर रहा है। इसी श्रृंखला में राज्य के नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा विकसित एकीकृत जीआईएस आधारित प्लेटफॉर्म ‘गरुड़’ (जीआईएस आधारित अर्बन डेटा एनालिटिक्स सेंटर) के उत्कृष्ट और नवोन्मेषी उपयोग के लिए मध्यप्रदेश को प्रतिष्ठित ‘अचीवमेंट इन जीआईएस अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के समारोह में एसरी इंडिया निदेशक श्री अजेन्द्र कुमार ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग आयुक्त श्री संकेत भोंडवे को यह सम्मान प्रदान किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नगरीय विकास एवं आवास विभाग आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप राज्य में तकनीक-आधारित सुशासन और पारदर्शी नगरीय प्रबंधन की दिशा में किए जा रहे ठोस प्रयासों का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि ‘गरुड़’ के माध्यम से डेटा को निर्णय लेने का मुख्य आधार बनाया गया है, जिससे नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति, प्रशासनिक दक्षता और नागरिक सेवा वितरण प्रणाली में व्यापक सुधार आ रहा है।
‘गरुड़’ एक अत्याधुनिक एकीकृत जीआईएस आधारित डेटा एनालिटिक्स सेंटर है, जो नगरीय निकायों के विभिन्न शहरी और राजस्व संबंधी आंकड़ों को एक मंच पर लाकर उनका स्थानिक विश्लेषण करता है। इस डिजिटल नवाचार के माध्यम से राज्य के नगरीय निकायों में संपत्ति एवं राजस्व का मानचित्र-आधारित विश्लेषण, अपंजीकृत तथा संभावित नई संपत्तियों की सटीक पहचान और राजस्व संवर्धन के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जा रही है। इसके साथ ही, जलापूर्ति एवं सीवरेज नेटवर्क, भूमि उपयोग, अतिक्रमण नियंत्रण, भवन अनुज्ञा और नगरीय अधोसंरचना की रियल-टाइम डिजिटल निगरानी को अत्यंत सुदृढ़ और पारदर्शी बनाया गया है।
गरुड़ प्रणाली के अंतर्गत विकसित पर्यवेक्षण मॉडल के माध्यम से नागरिक सुविधाओं और परिसंपत्तियों की वर्तमान स्थिति का सटीक डेटा-संचालित विश्लेषण संभव हो रहा है। यह प्रणाली शहरी निकायों की कार्यक्षमता बढ़ाने, बुनियादी ढांचे के रख-रखाव और जन-सुविधाओं के सुगम प्रबंधन में निर्णायक भूमिका निभा रही है।
