रायपुर, 09 जुलाई, बदलाव की शुरुआत अक्सर एक कदम से होती है। राजनांदगांव जिल के डोंगरगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत चैतूखपरी में यह कदम सरपंच मनोहर सिन्हा ने उठाया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर रूफटॉप प्लांट लगाकर वे गांव के पहले सौर ऊर्जा उत्पादक बन गए हैं। अब उनका घर पूरे गांव के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया है।
करीब दो लाख रुपये की लागत वाले इस संयंत्र पर उन्हें केंद्र और राज्य सरकार से कुल 1.08 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी, जबकि शेष राशि बैंक से आसान किस्तों में वित्तपोषित की गई है। पहले हर महीने 700 से 800 रुपये तक बिजली बिल भरने वाले मनोहर सिन्हा को अब उम्मीद है कि उनका बिजली खर्च लगभग शून्य हो जाएगा। इतना ही नहीं, अतिरिक्त बिजली उत्पादन से भविष्य में आर्थिक लाभ मिलने की संभावना भी है।
सोलर प्लांट लगने के बाद गांव के कई लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं और योजना की जानकारी ले रहे हैं। सरपंच का कहना है कि सरकारी सब्सिडी ने सौर ऊर्जा को आम परिवारों की पहुंच में ला दिया है। जब जनप्रतिनिधि खुद उदाहरण बनते हैं, तो सरकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि गांव के विकास और स्वच्छ ऊर्जा की नई इबारत लिखती हैं।
यह भी पढ़ें
