- डॉ अरुण सक्सेना ने पूजन अर्चन एवं वैदिक विधि विधान से यज्ञ करके किया।
- कार्यक्रम में सैकड़ों पर्यावरणविद,समाजसेवी प्रशासनिक अधिकारी के अलावा भारी संख्या में सनातन, आस्थावान श्रद्धालु जन उपस्थित रहे।
माधवटांडा (पीलीभीत), 28 मार्च , पौराणिक गोमती नदी उदगम स्थल (माधव टांडा) गोमती तट स्थित विशाल माँ गोमती मंदिर परिसर में “गोमती नदी दर्शन यात्रा” का शुभारंभ वन एवं पर्यावरण मंत्री (उ०प्र० सरकार) डॉ अरुण सक्सेना ने पूजन अर्चन एवं वैदिक विधि विधान से यज्ञ करके किया।कार्यक्रम में सैकड़ों पर्यावरणविद,समाजसेवी प्रशासनिक अधिकारी के अलावा भारी संख्या में सनातन, आस्थावान श्रद्धालु जन उपस्थित रहे। पौराणिक गोमती नदी के तट पर उपस्थित लोगों ने गोमती नदी को जीवनदायनी व पतितपावनी बताते हुए इसको अविरल व सरस सलिला बनाये रखने का सामूहिक संकल्प भी लिया ।
गोमती नदी उद्भव स्थल तट पर स्थित गोमती मंदिर परिसर में आयोजित भव्य समारोह को संबोधित करते हुए वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ अरुण सक्सेना ने कहा कि सनातन काल से गोमती नदी सरस सलिला सदा नीरा एवं अविरल रही है यह नदी समूचे रुहेलखंड समेत अवध क्षेत्रवासियों के लिए जीवनदायनी मानी जाती रही है इसकी अविरलता व जीवंतता को बनाये रखना हम सबका दायित्व बनता है।उन्होंने कहा कि गोमती नदी के पुनरोद्धार व जीर्णोद्धार के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पर्याप्त धन उपलब्ध करवाया गया है तथा नदी के तटीय इलाकों में सघन वृक्षारोपण अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि जल एवं पर्यावरण संरक्षित होकर धरा, धरती मानवानूकुल बनी रह सके।
संयोजक गोमती दर्शन यात्रा अनुराग पांडेय एडवोकेट ने बताया कि गोमती नदी हमारे जल व जीवन का अमूल्य निधि है इसे राज्य नदी घोषित किया जाना चाहिए तथा नदी को अवैध अतिक्रमण मुक्त कर गोमती के अविरलता को बनाये रखने के लिए अवरोध को दूर कर पर्याप्त मात्रा में जल बहाव की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए तभी गोमती नदी की जीवंतता बनी रह सकती है इसके लिए ही गोमती दर्शन यात्रा निकाली गई है।
महामना मालवीय मिशन अध्यक्ष(अवध)संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ,एकल विद्यालय संगठन (अवध क्षेत्र) सचिव संजीव कुमार, उपाध्यक्ष सोनी सिंह व पर्यावरणविद अंकुर सेक्सना ने कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित वन एवं पर्यावरण मंत्री को सामूहिक ज्ञापन देकर मांग किया कि गोमती समेत उत्तर प्रदेश के समस्त नदियो ,तालाब ,पोखरा व झील के तटीय इलाकों में पंचवटी प्रजाति के वृक्षों का रोपण व संरक्षण अवश्य किया जाना चाहिए तथा वृक्षारोपण महाअभियान में शैक्षणिक परिवार ,गायत्री परिवार, संघ परिवार तथा पर्यावरण संरक्षण संगठन से जुड़े लोगों को भी शामिल किया जाना चाहिए ताकि वृक्षारोपण महाभियान शत प्रतिशत सफल हो सके और पर्यावरण मानवानूकुल बना रह सके।

जिलाधिकारी पीलीभीत ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गोमती नदी को पुनर्जीवित एवं रामायण कालीन स्तर तक लाने के लिए बड़ी कार्ययोजना बनाई गई है ।डी०एफ०ओ० भरत कुमार ने क्षेत्र को हरा भरा बनाये रखने के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम का संचालन समाज सेवी निर्भय सिंह ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन गोमती दर्शन यात्रा अध्यक्ष पर्यावरणविद स्वेता सिंह ने किया ।आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता धर्माचार्य शिवानंद जी महाराज ने किया।

आयोजित गोमती दर्शन यात्रा कार्यक्रम में प्रमुख रूप से क्षेत्रीय विधायक बाबू राम पासवान, ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह ,संयोजक अनिल सिंह ,सचिव राम किशोर ,उपजिलाधिकारी परमेश कुमार, सभासद आशीष सक्सेना ,सनी साहू ,अंकुर पांडेय,पर्यावरणविद हिमांशू मिश्रा,पंकज शुक्ला, अंकुर अरविंद पांडेय, तिरंगा महाराज ,पवन मिश्रा, योगेश्वर सिंह व गोमती दर्शन यात्रा उपाध्यक्ष सोनी सिंह,अभिनव तिवारी समेत सैकड़ो समाजसेवी व सनातन धर्मी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का आरंभ गोमती दर्शन यात्रा के टीम द्वारा गोमती नदी तट पर स्वच्छ्ता व साफ सफाई अभियान से हुआ।समापन अवसर पर नदी के तट पर गोमती नदी को अविरल तथा सरस सलिला व जीवंत पेयजल बनाये रखने का सामुहिक संकल्प भी लिया।
