
- सीतापुर के प्राथमिक विद्यालय नदवा के हेडमास्टर ने बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश को ऑफिस में बेल्ट से पीटा था.
- हेडमास्टर बृजेंद्र वर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और बेसिक शिक्षा अधिकारी ने उन्हें सस्पेंड किया.
- घटना के बाद बच्चों और ग्रामीणों ने स्कूल बंद कर विरोध प्रदर्शन किया और हेडमास्टर की रिहाई की मांग की.
लखनऊ / सीतापुर , 26 सितम्बर , शासन ने सीतापुर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. अखिलेश प्रताप सिंह की कार्यालय में बेल्ट से पिटाई करने वाले हेड मास्टर बृजेंद्र वर्मा अभी जेल में है और इस घटना की वजह जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बताए जाते हैं , जिन्होंने एक शिक्षिका को बिना स्कूल गए ही हाजिरी लगवा कर पूरा वेतन देने के लिए हेड मास्टर बृजेंद्र वर्मा पर लगातार दबाव बना रहे थे. ग्रामीणों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उक्त शिक्षिका विद्यालय नहीं आती है और हेड मास्टर पर बिना स्कूल आए ही वेतन देने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश सिंह द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा था .
इस मामले में संबंधित शिक्षिका अवंतिका गुप्ता भी सस्पेंड की जा चुकी है और अब मामले की जांच के बाद शासन ने बड़ा कदम उठाते हुए विवादित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश सिंह को भी निलंबित कर दिया है . इस बीच अखिलेश प्रताप सिंह द्वारा गोंडा में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के रूप में कार्य करते समय पाठ्य पुस्तकों के वितरण और भुगतान में व्यापक स्तर पर घोटाला किया जाने की शिकायत भी शासन से की गई है. गोंडा के शिक्षक संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने इस मामले में सीतापुर जिला प्रशासन को भी पत्र लिखकर अखिलेश सिंह की कारगुजारियों की विस्तार से जानकारी दी है .
जानिये क्या हुआ था BSA आफिस में
23 सितंबर की इस घटना को लेकरसीतापुर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा है . इसकी वजह यह है कि लगातार सफाई देने के बावजूद हेड मास्टर बृजेंद्र वर्मा पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनावश्यक दबाव बना रहे थे कि वे शिक्षिका को बिना विद्यालय आए ही वेतन प्रदान करने की व्यवस्था सुनिश्चित करें लेकिन बृजेंद्र वर्मा किसी भी सूरत में ऐसा करने के लिए तैयार नहीं थे और यही बेल्ट कांड की वजह बना . हेड मास्टर वर्मा ने BSA की आफिस में ही बेल्ट से पिटाई कर दी थी अब वे जेल में हैं . अब शासन ने इसमें त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बड़ा फैसला लेकर BSA को सस्पेंड कर दिया है और संदेश भी दिया है कि लापरवाही, घोटालेबाजी और विवादित कार्यशैली वाले अफसर नहीं चल पाएंगे. हालांकि आकाओं के वरदहस्त के कारण तमाम शिकायतों के बाद भी उक्त अधिकारी अपनी कुर्सी पर बना हुआ था लेकिन अब सारा रसूख चला गया है .
