

- प्रधान पाठक भरत लाल बघेल जी ने डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की सम्पूर्ण आदर्श जीवनी को बताया। शिक्षक आशीष कटकवार जी ने बच्चों को बताया की वे गुरु को और उनकी बातों को कभी न भूलें, सम्मान तभी सार्थक होगा।
बिलासपुर , 12 सितम्बर , कुमति कीच चेला भरा, गुरु ज्ञान जल होय। जनम – जनम का मोरचा, पल में डारे धोय.. कबीर दास जी की इन पंक्तियों को सार्थक करते हुए शाला के सभी बच्चों ने स्वप्रेरित होकर शिक्षक दिवस व सम्मान कार्यक्रम का आयोजन रखा । बाल संसद व इको क्लब के सदस्यों ने इस कार्यक्रम की रुपरेखा तैयार की और साथ ही संचालन की बाग़ डोर भी सम्भाली। सर्वप्रथम माँ शारदे की पूजा वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।

मंच संचालन कक्षा 8वी के छात्र अभय निषाद व शालानायिका कु. हीरामती निषाद के द्वारा किया गया। प्रधान पाठक भरत लाल बघेल जी ने डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की सम्पूर्ण आदर्श जीवनी को बताया। शिक्षक आशीष कटकवार जी ने बच्चों को बताया की वे गुरु को और उनकी बातों को कभी न भूलें, सम्मान तभी सार्थक होगा।

श्रीमती संगीता कौशिक व श्रीमती रश्मि देवांगन जी ने गुरु के महत्व और उनको देवताओं से भी श्रेष्ठ होने की बातों व उसके कारण को बताया।
सम्मान के इस पल में बच्चों ने हम शिक्षकों का तिलक, माल्यार्पित कर, श्रीफल के साथ उपहार भी प्रदान किये, साथ ही सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये… हम शिक्षक स्टाफ की ओर से बच्चों के इस प्यार स्नेह की सराहना करते हुए उन्हें आशीर्वाद स्वरूप नगद पुरुस्कार प्रदान किये। इस कार्यक्रम से सभी बच्चे बहुत आनंदित और प्रभावित भी हुए।
trending video
