- बालिका विद्यालय में ‘स्वस्थ बालिकाएं, बेहतर कल’ के संदेश के साथ मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित
- ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता में बालिका विद्यालय की छात्राओं का उल्लेखनीय प्रदर्शन
लखनऊ . बालिका विद्यालय इंटरमीडिएट कॉलेज, मोती नगर, लखनऊ में आज छात्राओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं जागरूकता को केंद्र में रखते हुए ‘स्वस्थ बालिकाएं, बेहतर कल’ विषय पर मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं हॉस्पिटल, लखनऊ, उत्तर प्रदेश के सहयोग से किया गया। इसी अवसर पर भारत विकास परिषद महिला शाखा, चौक, अवध प्रांत द्वारा आयोजित ‘भारत को जानो’ जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में विद्यालय की छात्राओं की उपलब्धियां भी उल्लेखनीय रहीं।

मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं हॉस्पिटल, लखनऊ के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की आचार्य डॉ. जया श्रीवास्तव का विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. लीना मिश्र ने स्मृति-चिह्न प्रदान कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। डॉ. जया श्रीवास्तव के साथ आईं छात्रा-चिकित्सकों ने विद्यालय की छात्राओं से मासिक धर्म, व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण, संक्रमण से बचाव तथा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों के विषय में पीपीटी के माध्यम से विस्तृत संवाद किया।
कार्यक्रम में छात्राओं को बताया गया कि मासिक धर्म महिलाओं के शरीर में होने वाली एक स्वाभाविक जैविक एवं हार्मोनल प्रक्रिया है। किशोरावस्था में इस प्रक्रिया के प्रति सही वैज्ञानिक जानकारी प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि जानकारी का अभाव अनेक प्रकार की भ्रांतियों, संकोच और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है। मासिक धर्म के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना, स्वच्छ मासिक धर्म उत्पादों का उचित उपयोग करना, उन्हें समय पर बदलना तथा उनके सुरक्षित निस्तारण की जानकारी रखना संक्रमण से बचाव और स्वस्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। संवाद के दौरान छात्राओं को मासिक धर्म से जुड़ी सामान्य समस्याओं, स्वच्छता के उपायों, संतुलित आहार और आवश्यक पोषक तत्वों के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। छात्राओं को अपनी समस्याओं और मन में उठने वाले प्रश्नों को सहजता के साथ रखने का अवसर दिया गया।

डॉ. जया श्रीवास्तव एवं उनकी छात्राओं ने छात्राओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उनके मन में लंबे समय से चले आ रहे संदेहों और भ्रांतियों का समाधान किया। इस संवाद की विशेषता यह रही कि विषय को किसी संकोच के बजाय सहज, वैज्ञानिक और संवेदनशील दृष्टिकोण से समझाया गया। कार्यक्रम में किशोरियों के लिए आयरन की पर्याप्त मात्रा वाले पोषण की आवश्यकता तथा स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने छात्राओं को स्वास्थ्य में किसी असामान्यता, लगातार होने वाली परेशानी अथवा संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान आयरन एवं स्वास्थ्य संबंधी अन्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सिरप भी वितरित किए गए। साथ ही मूत्र मार्ग संक्रमण से बचाव और व्यक्तिगत स्वच्छता के संबंध में भी आवश्यक जानकारी प्रदान की गई। विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. लीना मिश्र ने कहा कि किशोरियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े विषयों पर खुलकर और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से संवाद करना अत्यंत आवश्यक है। सही जानकारी बालिकाओं को न केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाने में सहायक होती है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को भी मजबूत करती है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही बेहतर भविष्य की आधारशिला हैं और विद्यालय का दायित्व है कि शिक्षा के साथ छात्राओं के स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़े विषयों पर भी उन्हें जागरूक किया जाए। उन्होंने राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं हॉस्पिटल, लखनऊ तथा डॉ. जया श्रीवास्तव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विशेषज्ञों के साथ प्रत्यक्ष संवाद छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी रहा। ऐसे कार्यक्रम किशोरियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर बिना झिझक प्रश्न पूछने और आवश्यक सहायता लेने का आत्मविश्वास भी प्रदान करते हैं। कार्यक्रम की नोडल वरिष्ठ शिक्षिका उत्तरा सिंह रहीं और रागिनी यादव ने आयोजन में सहयोग प्रदान किया।
इस अवसर पर उमा रानी यादव, पूनम यादव, शालिनी श्रीवास्तव, ऋचा अवस्थी, मंजुला यादव, मीनाक्षी गौतम एवं प्रतिभा रानी सहित विद्यालय की शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। इसी क्रम में भारत विकास परिषद महिला शाखा, चौक, अवध प्रांत द्वारा आयोजित ‘भारत को जानो’ जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में भी बालिका विद्यालय की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में विद्यालय की छात्राओं ने भारतीय इतिहास, संस्कृति, परंपरा, ज्ञान-विज्ञान, राष्ट्रीय जीवन एवं विविध समसामयिक विषयों से संबंधित अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया। माधवी सिंह के निर्देशन में विद्यालय के जूनियर वर्ग से आयुषी शुक्ला एवं कोयल कश्यप तथा सीनियर वर्ग से आराधना निषाद एवं शालिनी पाल ने प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। जूनियर वर्ग की छात्राओं ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया, जबकि सीनियर वर्ग की छात्राओं ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को मेडल, पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यालय स्तर पर इससे पूर्व ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, जिसमें जूनियर एवं सीनियर दोनों वर्गों की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन नोडल शिक्षिकाओं रितु सिंह एवं मंजुला यादव के निर्देशन में किया गया था। विद्यालय स्तर से चयनित छात्राओं ने आगे जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रधानाचार्य डॉ. लीना मिश्र ने ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता में सफल छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि भारत को जानना केवल उसके इतिहास और भूगोल को जानना नहीं है, बल्कि उसकी विविध सांस्कृतिक परंपराओं, ज्ञान-विज्ञान, सामाजिक विरासत और राष्ट्रीय चेतना को समझना भी है। ऐसी प्रतियोगिताएं छात्राओं में अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ उनमें अपनी विरासत के प्रति जिज्ञासा और गौरव की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागी छात्राओं, उनके मार्गदर्शक शिक्षकों तथा भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
एक ही दिन आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता एवं ज्ञानवर्धक प्रतियोगिता के इन दोनों कार्यक्रमों ने बालिका विद्यालय की उस व्यापक शैक्षिक दृष्टि को सामने रखा, जिसमें शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर छात्राओं के स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, ज्ञान, संवेदनशीलता और व्यक्तित्व-विकास से जोड़ा जाता है। ‘स्वस्थ बालिकाएं, बेहतर कल’ और ‘भारत को जानो’—दोनों कार्यक्रमों ने छात्राओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा अपनी सांस्कृतिक और राष्ट्रीय विरासत को समझने की प्रेरणा दी।
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