- खुन खुन जी गर्ल्स पी.जी. कॉलेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य शुभारंभ
लखनऊ | खुन खुन जी गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, चौक, लखनऊ में 4 एवं 5 नवंबर 2026 को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी “Humanity, Health and Well-being in Contemporary Society: An Interdisciplinary Perspectives” का शुभारंभ उत्साहपूर्ण एवं अकादमिक वातावरण में हुआ।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!। उद्घाटन समारोह में लखनऊ विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी जी ने अपने संबोधन में संगोष्ठी के विषय की अकादमिक एवं सामाजिक प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में मानवीय संवेदनाओं, नैतिक मूल्यों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना भी आवश्यक है।उन्होंने इस प्रकार की राष्ट्रीय संगोष्ठियों को ज्ञान के आदान-प्रदान, शोध की नवीन संभावनाओं तथा सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया।

शुभारंभ सत्र में मुख्य वक्तव्य डॉ. शैलेन्द्र यादव, वक्ष शल्य चिकित्सा विभाग,के जी एम यू,लखनऊ के विभागाध्यक्ष, द्वारा दिया गया | उन्होंने अपने मुख्य वक्तव्य में मानव स्वास्थ्य के प्रति समग्र दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में श्वसन संबंधी बीमारियों, प्रदूषण एवं बदलती जीवनशैली के कारण स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ बढ़ रही हैं। स्वस्थ जीवन के लिए समय पर रोगों की पहचान, स्वास्थ्य जागरूकता और निवारक चिकित्सा अत्यंत आवश्यक है| महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी, बिहार के रसायन विज्ञान विभाग से डॉ. देवदत्त चतुर्वेदी ने भी इस सत्र में विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने व्याख्यान में रसायन विज्ञान एवं मानव स्वास्थ्य के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक अनुसंधान, रासायनिक विश्लेषण तथा आधुनिक तकनीकों का उपयोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समझने और उनके समाधान खोजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने विज्ञान के सकारात्मक उपयोग तथा पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके अतिरिक्त डॉ. आर के सिंह, सेवानिवृत्त हृदय रोग विशेषज्ञ, के जी एम यू, लखनऊ ने भी इस सत्र में अपने विचार व्यक्त किए। अपने संबोधन में हृदय स्वास्थ्य एवं जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूकता को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि अनियमित दिनचर्या, असंतुलित खानपान, शारीरिक निष्क्रियता एवं मानसिक तनाव हृदय रोगों के प्रमुख जोखिम कारक हैं। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, तनाव प्रबंधन और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण अपनाकर हृदय रोगों के जोखिम को कम किया जा सकता है।उद्घाटन समारोह में लुआक्टा अध्यक्ष प्रो. मनोज पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में समाज के समग्र विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और मानवीय मूल्यों का समन्वय अत्यंत आवश्यक है।

कालीचरण पी.जी. कॉलेज के प्रबंधक एवं इंजीनियर वी.के. मिश्रा ने अपने संबोधन में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक विकास के बीच समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया उन्होंने शिक्षण संस्थानों को विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना, नैतिक जिम्मेदारी एवं सेवा भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण केंद्र बताया।शुभारंभ सत्र के अंत में प्रो. चेतना सामंत तोमर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। सिम्पोजियम (विचार गोष्ठी) सत्र में सर्वप्रथम मुख्य अतिथियो प्रोफेसर अर्चना शुक्ला (हेड ऑफ डिपार्टमेंट, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ) तथा समाजवादी विचारक दीपक मिश्रा को प्राचार्या जी द्वारा पौधा तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
(विचार गोष्ठी) में दीपक मिश्रा जी ने अपने विचार रखे और बताया कि किसी देश का भविष्य और सम्पन्नता वहां की उन्नत शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर करता है हमें अपने देश की स्वास्थ्य सेवा को इतना बेहतर बनाना है कि दूसरे विकसित देशों के लोग भी हमारे यहाँ स्वास्थ्य लाभ लेने आए। हम सभी को निश्चित रूप से अपने देश को एक घंटा और शरीर को एक घंटा देना चाहिए क्योंकि यदि हम स्वस्थ हैं तभी देश व समाज के उत्थान में अपना योगदान दे सकते है।
दूसरी वक्ता के रूप में लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ के मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष रही । उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य पर अपने विचार रखे और कुछ मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला जैसे हमें हमेशा खुद पर काम करना चाहिए जैसे आपके पास समस्या है कि आप खुद एक समस्या है, दूसरों के साथ हंसिए दूसरों पर मत हंसिए, किन बातों पर ध्यान देना है या किनको दूर रखना है ,समय और आवश्यकतानुसार बोलना चाहिए, सदैव सकारात्मक सोच को अपनाकर हम अपने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते है।
संगोष्ठी के प्रथम दिवस का शुभारंभ मुख्य अतिथि माननीय कुलपति एवम अन्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। आयोजन समिति की ओर से अतिथियों का पुष्पगुच्छ, स्मृति चिह्न एवं पौधा भेंट कर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में संगोष्ठी का विषय परिचय सेमिनार की संयोजक डा. विजेता दीक्षित द्वारा प्रस्तुत किया गया। संगोष्ठी के आयोजक सचिव प्रो डी के अवस्थी जी ने संगोष्ठी के मुख्य थीम पर अपना संक्षिप्त व्याख्यान प्रस्तुत किया ।महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. अंशु केडिया ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि वर्तमान समय में मानवता, स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण जैसे विषयों पर अंतर्विषयक दृष्टिकोण से विचार-विमर्श करना अत्यंत आवश्यक है
आरंभिक सत्र प्रो सुजाता देव केजीएमयू ने स्तन कैंसर पर छात्राओं को जागरूक किया l तीन समानांतर सत्र चले l जिसमे आफलाइन और आंलाइन सत्र चले l प्रो० भारती पांडेय श्री जय नारायण पीजी कॉलेज, प्रो राजीव चौधरी छतीसगढ़, प्रो विभा दूरिवार ग्वालियर ने अध्यक्षता की l
