सेमरताल . संकुल स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि गुरु परम्परा, शिक्षा के मूल्यों और शिक्षकों के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रेरणादायी उत्सव बन गया। शाल, श्रीफल एवं स्मृति-चिह्न के साथ 127 शिक्षकों का गरिमामयी सम्मान कर उनके शैक्षिक योगदान को सार्वजनिक रूप से नमन किया गया।
समारोह की विशेषता उसका सुव्यवस्थित संचालन, अनुशासित आयोजन तथा आत्मीय वातावरण रहा। विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षक, प्राचार्य, जनप्रतिनिधि एवं अभ्यागतों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक प्रतिष्ठित बनाया। मंच से व्यक्त विचारों ने स्पष्ट किया कि शिक्षक केवल ज्ञानदाता नहीं, बल्कि राष्ट्र के चरित्र-निर्माता हैं।
इस आयोजन ने संकुल के सभी विद्यालयों के बीच सहयोग, समन्वय और पारिवारिक भावना को सुदृढ़ किया। सम्मानित शिक्षकों के चेहरों पर झलकता आत्मगौरव और युवा शिक्षकों के मन में जागता उत्साह इस समारोह की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। निस्संदेह, संकुल सेमरताल का यह शिक्षक सम्मान समारोह भविष्य के लिए एक अनुकरणीय परंपरा स्थापित करने वाला सफल एवं स्मरणीय आयोजन सिद्ध हुआ। अनिल कुमार वर्मा व्याख्याता एवं आयोजन समिति शिक्षक सम्मान समारोह ने अपने विचार व्यक्त किये .
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