- ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन रोकने संबंधी आदेश पर सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन, जिला बिलासपुर का कड़ा विरोध
बिलासपुर , 28 जुलाई , ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर जितने दिन उपस्थिति दर्ज होगी, उतने दिन का ही वेतन दिए जाने संबंधी आदेश अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, अव्यावहारिक एवं शिक्षक विरोधी है। यदि ऐसा प्रावधान लागू किया जाता है, तो इसका सबसे अधिक नुकसान उन शिक्षकों को होगा जो दूरस्थ एवं नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
सुनील कुमार पाण्डेय जिला अध्यक्ष सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन जिला बिलासपुर ने कहा कि हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि शिक्षक की उपस्थिति का निर्धारण केवल तकनीकी माध्यम से नहीं, बल्कि उसके वास्तविक कार्य एवं विद्यालय में सेवा के आधार पर होना चाहिए। नेटवर्क की समस्या, सर्वर की खराबी, तकनीकी त्रुटि या ऐप की विफलता का खामियाजा शिक्षकों पर डालना किसी भी दृष्टि से न्यायसंगत नहीं है। शिक्षक समाज सदैव शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, परंतु अनावश्यक दंडात्मक आदेशों के माध्यम से शिक्षकों पर दबाव बनाना उचित नहीं है। यदि इस आदेश में आवश्यक संशोधन नहीं किया गया, तो फेडरेशन शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने हेतु बाध्य होगा। इस प्रकार का निर्णय शिक्षकों का मनोबल गिराने वाला है।
सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन, जिला बिलासपुर शासन एवं शिक्षा विभाग से मांग करता है कि—
- ऑनलाइन उपस्थिति में आने वाली तकनीकी समस्याओं का पहले स्थायी समाधान किया जाए।
- किसी भी शिक्षक का वेतन केवल तकनीकी त्रुटि के आधार पर न रोका जाए।
- यदि किसी प्रकार की विसंगति हो तो उसका सत्यापन संस्था प्रमुख एवं संबंधित अधिकारी के माध्यम से किया जाए।
- शिक्षकों के हितों के विरुद्ध लिए गए ऐसे आदेश पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए।
