- 2017 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें बिसवां विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया था और चुनाव जीते थे.
सीतापुर , 11 जुलाई , उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की बिसवां विधानसभा ( Biswan Assembly Election 2027 ) में भावी प्रत्याशियों ने व्यापक स्तर पर जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है . मतदाताओं से जुड़े विभिन्न कार्यों को हल करने की सक्रियता , उनके दुख सुख में पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज करने से लेकर विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी हो रही है। इसी क्षेत्र के पूर्व विधायक महेंद्र सिंह यादव की सक्रियता पिछले 5 साल से लगातार बनी हुई है . 2017 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें बिसवां विधानसभा क्षेत्र से विधायक का टिकट दिया था और वे विधायक बने थे.

5 साल लगातार क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी, विकास कार्यों को प्राथमिकता और व्यापक जनसंपर्क के कारण उन्हें एक लोकप्रिय विधायक के रूप में स्थापित किया था. भारतीय जनता पार्टी और सहयोगी संगठनों के बीच निष्पक्ष, ईमानदार और सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में उनकी पहचान भी बनी, लेकिन राजनीतिक परिस्थितियों कुछ ऐसी बदली की 2022 में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया और उन्हें अपना अस्तित्व बचाने के लिए राजनीति में ही सक्रिय रहना पड़ा . इसके बावजूद उन्होंने अपना विधानसभा क्षेत्र नहीं छोड़ा और भी लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहे.

अब 2027 के विधानसभा चुनाव में भी उनकी सक्रियता बनी हुई है. पिछले 5 सालों में टिकट न मिलने के बावजूद 2022 से अब तक बिसवां विधानसभा क्षेत् में उनका संपर्क अभियान जारी है. वह अपने विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न सार्वजनिक और व्यक्तिगत कार्यक्रमों में अपनी उपस्थिति देना नहीं भूलते हैं. वे जन समस्याओं से जुड़े मुद्दों पर लगातार मुखर होकर उनके समाधान के लिए प्रयासरत रहते हैं , बिसवां विधानसभा के प्रशासनिक अधिकारियों से भी उनके अच्छे तालमेल होने के कारण जन समस्याओं को त्वरित निराकरण करते हैं . वे अपने कार्यालय पर भी नियमित रूप से बैठकर स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान करते हैं . युवाओं के रोजगार और बच्चों की पढ़ाई से जुड़े मामलों पर भी अधिक मुखर होकर अपना संघर्ष करते हैं . यही कारण है कि उनकी उपस्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों में उनके प्रति जन समर्थन बढ़ता जा रहा है और जन समस्याओं के समाधान के प्रति अन्य लोगों से कहीं भी दो कदम आगे ही हैं .

हाल ही में उन्होंने अपने बिसवां विधानसभा ( Biswan Assembly Election 2027 ) कार्यालय में लोगों की एक बैठक कर जन समस्याएं सुनी और उनका यह क्रम निरंतर चलता आ रहा है . अब यह देखना है महत्वपूर्ण होगा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में उन्हें पार्टी टिकट देती है या फिर भी अपने स्तर से ही कोई और फैसला लेते हैं अथवा स्थानीय जनता दबाव में अपना नया राजनीतिक भविष्य तलाश में फिलहाल बिसवां विधानसभा क्षेत्र में चुनावी गतिविधियां धीरे-धीरे सक्रिय होती जा रही है. भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी सहित अन्य छोटे क्षेत्रीय दलों के भी पदाधिकारी लगातार सक्रिय हैं. जनसंपर्क करते आ रहे हैं .

हालांकि बिसवां विधानसभा ( Biswan Assembly Election 2027 ) भारतीय जनता पार्टी की सीटिंग सीट है. अभी निर्मल वर्मा इस सीट से विधायक हैं . ( 2022 Biswan Assembly election, Nirmal Verma won the seat and is the current MLA from this constituency. ) इसके बावजूद अन्य दलों के उम्मीदवार भी सक्रियता बनाए हुए हैं . राजनीतिक परिस्थितियों कभी भी बदल सकती हैं. यही कारण है कि ऐसे सभी दल भी विधानसभा चुनाव को देखते हुए तैयारी में जुटे हैं . अब देखना है महत्वपूर्ण होगा कि वर्ष 2027 की विधानसभा चुनाव में बिसवां विधानसभा की जनता किसे अपना मत और समर्थन देती है ?
सीट का इतिहास
2017 में यह सीट भाजपा के खाते में गई। तब महेन्द्र सिंह यादव विधायक बने. इसके बाद 2022 में भाजपा के ही निर्मल वर्मा विधायक बने , इससे पहले इस सीट पर समाजवादी पार्टी का कब्जा रहा। रामपाल यादव ने 2012 में सपा से विधायक बने।
कुल मतदाता- 3,30,243
पुरुष मतदाता : 1,69,535
महिला मतदाता : 1,47,625
जाति मतदाता
मुस्लिम 65 हजार
यादव 40 हजार
कुर्मी 30 हजार
ब्राह्मण 28 हजार
पासी 25 हजार
जाटव 20 हजार
निषाद, कश्यप, केवट 15 हजार
कुशवाहा, मौर्य, शाक्य, सैनी 14 हजार
धोबी 8 हजार
कायस्थ 6 हजार
लोध 6 हजार
नाई, बढ़ई, जोगीरा 6 हजार
जायसवाल, कलवार 5 हजार
तेली 4 हजार
वाल्मीकि 3 हजार
कोरी 1 हजार
प्रजापति 1 हजार
नोनिया, चौहान 1 हजार
अन्य 25 हजार
( आंकड़ों में फेरबदल संभव )
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