लखनऊ, 9 जुलाई , डीएवी कॉलेज, लखनऊ परिसर से लगे डीएवी प्रतिष्ठान में 7 जुलाई 2026 को हुई हिंसक घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने जिला एवं पुलिस प्रशासन से विवादित परिसर को तत्काल सील कर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 164 के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है, ताकि शांति एवं कानून-व्यवस्था बनी रहे।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार 7 जुलाई को कुछ लोगों ने डीएवी प्रतिष्ठान में प्रवेश कर पथराव किया तथा विवादित परिसर पर कब्जा करने का प्रयास किया। कॉलेज प्रशासन का दावा है कि इस घटना में अनेक लोग घायल हुए, जिसके बाद पुलिस ने परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया।
कॉलेज प्रशासन का आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत और धन बल के प्रभाव से न्यायालय के आदेश को अनदेखा करते हुए खास दो लोगों को कब्जा करवाने का प्रयास किया जा रहा है और घटना के वास्तविक दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय निर्दोष लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
कॉलेज प्रबंधक ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है।
कॉलेज प्रशासन ने यह भी अनुरोध किया है कि यदि किसी न्यायालयी आदेश में “दयानंद सेवा संस्थान” का उल्लेख हो, तो उस पर अमल करने से पूर्व उक्त संस्था की विधिक स्थिति तथा डीएवी कॉलेज, लखनऊ एवं आर्य समाज गणेशगंज, लखनऊ से उसके संबंध का स्वतंत्र सत्यापन कराया जाए। कॉलेज प्रशासन का दावा है कि “दयानंद सेवा संस्थान” का डीएवी कॉलेज, लखनऊ अथवा आर्य समाज गणेशगंज, लखनऊ से कोई वैध संबंध नहीं है तथा कुछ व्यक्तियों द्वारा उसी के आधार पर कॉलेज की संपत्ति पर अधिकार का दावा किया जा रहा है।
डीएवी कॉलेज, लखनऊ के प्रबंधक आनंद मोहन तिवारी ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पुलिस एवं जिला प्रशासन पूरी निष्पक्षता से कार्रवाई करे। उन्होंने मांग की कि विवादित परिसर को धारा 164 के तहत सील कर अंतिम न्यायिक निर्णय तक यथास्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई किए जाने की भी मांग की।
