लखनऊ, 19 जून , डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय ( Dr. Shakuntala Misra National Rehabilitation University ) को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के राष्ट्रीय शैक्षिक प्रसार (आउटरीच) कार्यक्रमों के संचालन के लिए नोडल सेंटर बनाया गया है। इससे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को अंतरिक्ष विज्ञान, सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग), भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी (जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी) और अन्य आधुनिक वैज्ञानिक विषयों की जानकारी सीधे विशेषज्ञों से प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
इसरो के अंतर्गत कार्यरत भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (आईआईआरएस) देहरादून देशभर में समय-समय पर ऑनलाइन और ऑफ लाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है। अब विश्वविद्यालय के विद्यार्थी ऑनलाइन इन कार्यक्रमों से जुड़कर उपग्रह तकनीक, पृथ्वी अवलोकन, डिजिटल मैपिंग, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण अध्ययन और भू-स्थानिक डेटा के उपयोग जैसी तकनीकों को सीख सकेंगे।
विश्वविद्यालय ( Dr. Shakuntala Misra National Rehabilitation University ) के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के सहायक प्रोफेसर विनय कुमार सिंह को इन कार्यक्रमों के लिए नोडल समन्वयक बनाया गया है।
कुलसचिव रोहित सिंह ने कहा कि इस पहल से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित होगी और उन्हें नई तकनीकों और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। साथ ही राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों से सीधे संवाद स्थापित करने का भी मौका मिलेगा।
क्या बोले कुलपति आचार्य संजय सिंह
कुलपति आचार्य संजय सिंह ने कहा, “इसरो के राष्ट्रीय शैक्षिक प्रसार कार्यक्रम विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। इनके माध्यम से प्रतिभागियों को देश के अग्रणी वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय इन कार्यक्रमों में अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करेगा, ताकि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और अनुसंधान की संस्कृति को और अधिक मजबूत किया जा सके।”
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