- तदर्थ शिक्षकों को नियमित किए जानें संबंधी शिक्षा निदेशक के आदेश की हो रही अवहेलना : डॉ जितेंद्र सिंह पटेल
- नियमित करते समय केवल निर्धारित समय सीमा एवं निरं तर ता को ही ध्यान में रखे सक्षम अधिकारी : त्रिपाठी
लखनऊ, 29 मार्च। प्रदेश के गैर सरकारी सहायता प्राप्त माध्यमिक शिक्षण संस्थानों में विगत ७ अगस्त १९९३ से ३० दिसंबर २००० के मध्य तत्समय लागू भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्त सूबे के शेष बचे तदर्थ शिक्षकों को नियमित किये जाने के लिए शिक्षा निदेशक डॉ महेंद्र देव के स्पष्ट दिशा निर्देश हैं . इसके बाद भी मंडलीय/ जिला स्तरीय शिक्षा अधिकारियों द्वारा अब तक कोई कार्य नहीं हो रहे हैं। तदर्थ शिक्षक परेशान हो रहे हैं .
इस मामले मे उ प्र माध्य मिक शिक्षक संघ पांडेय गुट के प्रदेश अध्यक्ष डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल एवं संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने शिक्षा अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कर जारी आदेशों को धरातल पर शीघ्र अमल मे लाये जाने की मांग की है। विनियमन न होने से तीन स्तरीय वेतनमान की जगह मात्र अपने पद के प्रारंभ के बेतन मान पर दायित्व निर्वहन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इसके साथ ही साथ बिना नियमित हुए इन तदर्थ शिक्षकों को पदोंउनत्ति के लाभों से भी वंचित होना पड़ रहा है। यह उनके साथ अत्यंत ही घोर अन्याय ही नहीं, नैसर्गि कन्याय का भी खुला उल्लंघन है।
नेताओं के अनुसार इन शिक्षकों को दस साल में चयन और प्रोन्नति वेतनमान दिये जाने का प्रवधान है। जो विना नियमित हुए शिक्षकों को नहीं मिलता है। इस तरह से उनका आर्थिक शोषण भी वर्षो से किया जा रहा है। तीन दशकों से अपने को नियमित किये जाने की आस में अनेक तदर्थ शिक्षक/ शिक्षि काएं बीमारी मे बिना इलाज के दुनिया से जाने पर हुए मजबूर पांडेय गुट
ने शासन से इस मामले मे तत्काल हस्त क्षेप किये जाने की मांग की है।
तदर्थ शिक्षकों के विनिय मि ती कर ण के लिए उ प्र माध्य मिक शिक्षा सेवा अधिनि यम २०१६ की धारा ३३- ( छ) के अंतर्गत ७ अगस्त १९९३ से ३० दिसंबर २००० की निर्धारित सीमा अवधि तक नियुक्त सभी को विनियमित करने का निर्देश प्रदान किया गया है। संगठन यही मांग लंबी अवधि से करता चला आ रहा है।
शिक्षा निदेशक द्वारा जारी निर्देश मे मात्र अधि नियम मे वर्णित समय एवं निरंतरता को विशेष रूप से ध्यान में रखे जाने की ओर ध्यान दिये जाने को कहा गया है। वेतन भुगतान पर ध्यान न देकर अन्य वर्णित विंदुओ पर परीक्षण करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। शिक्षक नेताओ ने लगातार संगठन की मांग पर जारी स्पष्ट निर्देश के अनु सार ही लभभग तीस तीस सालों से कार्य रत सभी तदर्थ शिक्षकों को नियमित कर उनके अवरुद्ध वेतन भुगतान किये जाने की मांग को दोहरायी है।
