आगरा, 29 मार्च , “आगरा लिट्रेचर फेस्टिवल – LitMeet 2026” का आयोजन 28 मार्च को सेंट जॉन्स कॉलेज कॉलेज के ऐतिहासिक असेंबली हॉल में गरिमामय ढंग से आयोजित हुआ। वर्ष 1860 में स्थापित इस प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान की पहल पर आयोजित इस साहित्यिक उत्सव में साहित्य और कला जगत के प्रेमियों का उल्लेखनीय जमावड़ा देखने को मिला।

उद्घाटन सत्र में सुपरिचित विदुषी एवं डॉ राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविधालय लखनऊ की शिक्षिका डॉ अलका सिंह का विशेष व्याख्यान हुआ अपने प्रभावशाली संबोधन में डॉ. सिंह ने महिला-केंद्रित मुद्दों, स्वास्थ्य संबंधी विमर्शों तथा विधिक चेतना और समकालीन संशोधनों पर स्पष्ट, निर्भीक और विचारोत्तेजक संवाद प्रस्तुत किया।

उन्होंने महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में सामाजिक, न्यायिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए सशक्त काव्य-पाठ के माध्यम से श्रोताओं को प्रभावित किया।
अंग्रेज़ी साहित्य के परिप्रेक्ष्य में डॉ. सिंह ने मिल्टन एवं ओडिन की रचनाओं का विश्लेषण करते हुए उनके साहित्य में निहित मानवीय संवेदनाओं, नैतिक जटिलताओं और सामाजिक चेतना को रेखांकित किया।
अपने वक्तव्य में डॉ. सिंह ने कहा, साहित्य तमाम विधाओं में न केवल सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय मूल्यों को परिलक्षित करता है, अपितु वह बौद्धिक विद्वता को जीवंत करता है, उसे पोषित करता है और धीरे-धीरे मानवीय ढांचों को बदलने की भी क्षमता रखता है।

कार्यक्रम में विद्वानों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिसने इस आयोजन को एक जीवंत और सार्थक साहित्यिक संवाद में परिवर्तित कर दिया।
