

- मुख्य वक्ता रवीन्द्र जोशी अखिल भारतीय प्रचारक संपर्क प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कहा कि शिवाजी महाराज का हिन्दवी स्वराज्य न केवल राजनैतिक संकल्प था, बल्कि वह सांस्कृतिक पुनरुद्धार, सामाजिक समरसता और जनकल्याण की प्रेरणा का स्रोत है।
- विशिष्ट अतिथि के रूप में अवनीश अवस्थी जी, मुख्य सलाहकार, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को गौरवान्वित किया.
- विशिष्ट अतिथि लखनऊ महापौर सुषमा खर्कवाल जी ने स्वराज की अवधारणा को लखनऊ के जन जन जन तक पहुंचाने और युवा नई पीढ़ी को शिवाजी जी से प्रेरणा लेने हेतु आवाह्न किया।
- हिन्दवी स्वराज्य दिवस समारोह’ लखनऊ विश्वविद्यालय में भव्यता से सम्पन्न
लखनऊ, 09 जून,campussamachar.com, लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में आज 09 जून 2025 ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी के पावन अवसर पर छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस को ‘हिन्दवी स्वराज्य दिवस समारोह’ के रूप में अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया गया। इस समारोह के मुख्य अतिथि धर्मपाल सिंह , संगठन महामंत्री, भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश रहे . इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद शिवाजी महाराज का उल्लेख छद्दम इतिहासकारों ने कम आंका है, हिंदी भाषा पर ज़ोर देते हुए अंग्रेजी से तुलना करते हुए हिंदी की इतिहासिक सांस्कृतिक अवधारणा पर ज़ोर दिया . उन्होंने शिवाजी महाराज के कर्तृत्व, संगठन क्षमता और नीतियों से स्वराज्य की जो अवधारणा प्रस्तुत की, वह आज भी शासन और प्रशासन के लिए अनुकरणीय है। इस आयोजन का सफल संयोजन एवं संचालन डॉ. संजय शुक्ला, संयोजक, कर्मचारी सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा परिषद, लखनऊ विश्वविद्यालय ने किया ,
मुख्य वक्ता रवीन्द्र जोशी जी, अखिल भारतीय प्रचारक संपर्क प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कहा कि शिवाजी महाराज का हिन्दवी स्वराज्य न केवल राजनैतिक संकल्प था, बल्कि वह सांस्कृतिक पुनरुद्धार, सामाजिक समरसता और जनकल्याण की प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने की। उन्होंने कहा कि “ऐसे आयोजनों से युवा वर्ग को भारत के इतिहास और उसकी प्रेरक विभूतियों से जोड़ने का सशक्त माध्यम प्राप्त होता है।”

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में अवनीश अवस्थी जी, मुख्य सलाहकार, माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को गौरवान्वित किया. उन्होंने विद्यार्थियों, नौजवानों को देश पर मर मिटने वाले नौजवानों में चेतना पर ज़ोर दिया और शिवाजी महाराज को आधुनिक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया, इसी क्रम में विशिष्ट अतिथि लखनऊ महापौर सुषमा खर्कवाल जी ने “स्वराज की अवधारणा को लखनऊ के जन जन जन तक पहुंचाने और युवा नई पीढ़ी को शिवाजी जी से प्रेरणा लेने हेतु आवाह्न किया।”
कार्यक्रम में महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल, संतोष सिंह , आशीष सिंह “आशु” विधानसभा सदस्य, अवनीश सिंह आदि विधान परिषद् सदस्य एवं विधानसभा सदस्य एवं अनेकों शिक्षाविद, तथा विधान परिषद सदस्यों पूर्व राष्ट्रीय मंत्री अल्पसंख्यक मोर्चा निदेशक वफ्फ विभाग सफ़ाअत सहित कुल 15 विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। सभी ने छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन-दर्शन पर अपने विचार रखे और युवा पीढ़ी से उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. अमित कुशवाहा द्वारा किया गया, जिन्होंने “जय भवानी जय शिवाजी ” के उदघोष से संपूर्ण समारोह में गरिमा और क्रमबद्धता बनाए रखी। समारोह के विशेष आकर्षण में प्रख्यात छंद साहित्यकार श्री शिवमंगल “सुमन” जी द्वारा प्रस्तुत की गई शिवाजी महाराज पर आधारित स्वरचित साहित्यिक रचना रही, जिसे उपस्थित जनसमूह ने अत्यंत सराहना और भावविभोर होकर सुना। शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। तत्पश्चात विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, देशभक्ति गीत, और हिन्दवी स्वराज्य विषयक व्याख्यान आयोजित किए गए।
इस आयोजन का सफल संयोजन एवं संचालन डॉ. संजय शुक्ला, संयोजक, कर्मचारी सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा परिषद, लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा किया गया, जिन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति एवं अनौपचारिक परास्नातक राजनीति शास्त्र छात्र यूनियन के प्रति आभार व्यक्त किया। यह आयोजन एक ऐतिहासिक स्मृति को वर्तमान की चेतना से जोड़ने का सार्थक प्रयास सिद्ध हुआ, जिसने विश्वविद्यालय परिसर को राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक गौरव और प्रेरणा के वातावरण से भर दिया।
