
रायपुर/बिलासपुर. शासकीय शालाओं में बच्चे गुरु जी एक सवाल पूछ रहे हैं कि गुरु जी दशहरा की छुट्टी कब से होगी ? बच्चों के गांव-मोहल्लों में मां दुर्गा की प्रतिमा विराजित है तो कहीं जगराता हो रहा है और कहीं तो भंडारा,-जसगीत के कार्यक्रम हो रहे हैं,इसलिए वे छुट्टी में इन सभी कार्यक्रमों का आनंद लेना चाहते हैं लेकिन गुरु जी को अभी तक यह पता नहीं हो पाया है कि आखिर दशहरा की छुट्टी कब से है ?
दरअसल इसकी वजह स्कूल शिक्षा विभाग की सुस्त कार्य प्रणाली है,जिस कारण अभी तक छुट्टी के बाबत सरकारी आदेश इन स्कूलों तक नहीं पहुंचा है। हालांकि कुछ दिन पहले एक पत्र वायरल हुआ था, िजसमें छुट्टियों के प्रस्ताव का जिक्र था लेकिन यह मात्र प्रस्ताव था न कि छुट्टियों का आदेश। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों को हो रही है और वे सबसे बड़े पर्व दशहरा पर्व पर अपना कार्यक्रम नहीं बना पा रहे हैं न तो गांव-मोहल्लों में सजी प्रतिमाएं देखने जा पा रहे हैं और न ही अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने।
इन सवालों का जवाब शिक्षकों के पास भी नहीं है और वे सीधे प्रधानपाठक से सवाल पूछ रहे हैं और प्रधानपाठक बीईओ से पूछते हैं और फिर …यही सिलसिला कई दिनों से चल रहा है और अभी तक शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारी किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ प्रधानपाठक कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष सीके महिलांगे का कहना है कि बच्चे बहुत पूछ रहे हैं कि छुट्टी कब होगी लेकिन हमारे पास जवाब नहीं है। इनका कहना है कि यह विभाग की जिम्मेदारी है कि सही जानकारी अब तक उपलब्ध कराती लेकिन दो दिन पहले तक अवकाश की जानकारी हम बच्चों को नहीं दे पा रहे हैं। उनका कहना है कि कई बच्चों के पालक भी स्कूल आकर प्रधानपाठकों से पूछ रहे हैं कि छुट्टी कब मिलेगी ? उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि इस बारे में आवश्यक कार्यवाही करे।
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