
बिलासपुर. गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (GGU Bilaspur – central university) के परीक्षा विभाग द्वारा 16 अगस्त, 2021 को चार शोधार्थियों को शोध उपाधि प्रदान किये जाने की अधिसूचना जारी की। 27 जुलाई को आयोजित शोध मौखिकी परीक्षा के आधार पर कार्यपरिषद की ओर से कुलपति द्वारा राकेश सोनी के द्वारा प्रस्तुत शोध प्रबंध को स्वीकार करते हुए मौखिकी परीक्षा की तिथि से, इन्हेे गुरू घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर की डाक्टर ऑफ फिलासफी उपाधि प्रदान करने के लिए पात्र घोषित किया जाता है। इनके शोध प्रबंध का शीर्षक इवैल्यूएशन ऑफ टॉक्सीसिटी एंड एफेक्ट्स ऑफ द क्लोरोऐसिटामाइड हबीसज़ईड प्रेटिलाक्लोर ऑन द फ्रेश वॉटर टीलिओस्ट क्लेरियस बाट्राकस (लीनियस) है। इनके शोध निर्देशक डॉ. सुशांत कुमार वर्मा, सहायक प्राध्यापक प्राणी शास्त्र विभाग गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर है।
07 जुलाई, 2021 को आयोजित शोध मौखिकी परीक्षा के आधार पर कार्यपरिषद की ओर से कुलपति द्वारा दीपक कुमार सोनी के द्वारा प्रस्तुत शोध प्रबंध को स्वीकार करते हुए मौखिकी परीक्षा की तिथि से, इन्हे गुरू घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर की डाक्टर ऑफ फि लासफ ी उपाधि प्रदान करने के लिए पात्र घोषित किया जाता है। इनके शोध प्रबंध का शीर्षक स्टडीज ऑन माइक्रोप्रोपेगेशन ऑफ सम आई.ई.टी. ओर्किड्स फ्राम बिलासपुर छत्तीसगढ़ है। इनके शोध निर्देशक डॉ. सुशील कुमार शाही, सह-प्राध्यापक वनस्पति शास्त्र विभाग गुरू घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर है।
29 जून को आयोजित शोध मौखिकी परीक्षा के आधार पर कार्यपरिषद की ओर से कुलपति द्वारा कौशिक नंदी के द्वारा प्रस्तुत शोध प्रबंध को स्वीकार करते हुए मौखिकी परीक्षा की तिथि से, इन्हें गुरु घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर की डाक्टर ऑफ फि लासफ ी उपाधि प्रदान करने के लिए पात्र घोषित किया जाता है। इनके शोध प्रबंध का शीर्षक ”सिंथेसिस एंड कैरेक्टराइजेशन ऑफ पॉलीमर्स बेस्ड ऑन विनाइल मोनोमर्स यूजिंग कंट्रोल्ड रेडिकल पॉलीमेराइजेशन एंड देयर एप्लिकेशंस है। इनके शोध निर्देशक डॉ. आरती श्रीवास्तव, सहायक प्राध्यपक रसायन विज्ञान विभाग गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर है।
27 जुलाई, 2021 को आयोजित शोध मौखिकी परीक्षा के आधार पर कार्यपरिषद की ओर से कुलपति द्वारा प्रियंका गुप्ता के द्वारा प्रस्तुत शोध प्रबंध को स्वीकार करते हुए मौखिकी परीक्षा की तिथि से, इन्हें गुरु घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर की डाक्टर ऑफ फिलासफ ी उपाधि प्रदान करने के लिए पात्र घोषित किया जाता है। इनके शोध प्रबंध का शीर्षक इवैल्यूएशन ऑफ जैनेटिक, बायोकेमिकल, रिप्रोडक्टिव एंड हिस्टोपैथालॉजिकल, बायोमार्कर इन फ्रेश वॉटर टेलीओस्ट क्लैरियस बैट्रेकस (लिनियस) एक्सपोस्ड टू हबीसज़ईड पेण्डीमेथालिन है। इनके शोध निर्देशक डॉ. सुशांत कुमार वर्मा सहायक प्राध्यापक प्राणी शास्त्र विभाग गुरू घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर है।
