
विभाग का पहला एलुमनी मीट कार्यक्रम आयोजित
बिलासपुर. गुरू घासीदास विश्वविद्यालय (Guru Ghassidas Vishwavidayalaya Koni, Bilaspur, (C.G.) के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल के पदभार ग्रहण करने के पश्चात किए गए सकारात्मक संवाद एवं प्रयासों से विश्वविद्यालय के अकादमिक वातावरण में सजीवता देखने को मिल रही है। उनके सक्षम नेतृत्व एवं कुशल मार्गदर्शन के अनुरूप शिक्षा विद्यापीठ के अतंर्गत शारीरिक शिक्षा विभाग में स्थापना के 36 साल बाद पूर्व छात्रों का पहला मिलन समारोह 21 दिसंबर, 2021 को रजत जयंती सभागार में सुबह 11.30 बजे से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रभारी कुलपति प्रो. अमित कुमार सक्सेना रहे। मंचस्थ अतिथियों में कुलसचिव प्रो. शैलेन्द्र कुमार, अधिष्ठाता शिक्षा विद्यापीठ प्रो. विशन सिंह राठौड़, शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संजीत सरदार, डॉ. शारदा कश्यप पूर्व संचालक शारीरिक शिक्षा, रविंद्र मिश्रा पूर्व सहायक संचालक, डॉ. संतोष बाजपेयी एवं शिवम त्रिपाठी उपस्थित रहे। दो दिवसीय एलुमनी मीट के उद्घाटन अवसर पर अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर मां सरस्वती की प्रतिमा एवं संत गुरू घासीदास के तैल चित्र पर पुष्पअर्पित किए गए। इस दौरान तरंग बैंड ने सरस्वती वंदना व कुलगीत की मोहक प्रस्तुति दी। तत्पश्चात पुष्पगुच्छ भेंट कर मंचस्थ अतिथियों का स्वागत किया गया। स्वागत उद्बोधन पूर्व छात्र डॉ. अजय सिंह द्वारा प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथि Guru Ghassidas Vishwavidayalaya Koni, Bilaspur, (C.G.) प्रभारी कुलपति प्रो. अमित कुमार सक्सेना ने तत्कालीन संचालक डॉ. त्रिपाठी के साथ अपने शुरुआती दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का परिसर जीवंत है। Guru Ghassidas Vishwavidayalaya Koni, Bilaspur, (C.G.) कुलसचिव प्रो. शैलेन्द्र कुमार ने दो दिवसीय एलुमनी मीट कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए शारीरिक शिक्षा विभाग को आयोजन हेतु बधाई दी। उन्होंने कहा कि आप सब का यहां एकत्र होना खेल भावना को प्रदर्शित करता है।
शिक्षा विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. वी.एस. राठौड़ ने कहा कि पूर्व छात्र किसी भी संस्था की रीढ़ होते हैं। वे आने वाली पीढ़ी को दिशा देने में अहम योगदान प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत पूर्व छात्रों को विशेष महत्व प्रदान किया गया है। शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संजीत सरदार ने पूर्व छात्रों के सम्मेलन को सफल बनाने के लिए दूर-दूर से आये पूर्व छात्रों का आभार जताते हुए विभाग में जारी विभिन्न गतिविधियों के विषय में विस्तार से जानकारी साझा की।
इस अवसर पर रविंद्र मिश्रा पूर्व सहायक संचालक शारीरिक शिक्षा विभाग ने इस आयोजन पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि शारीरिक शिक्षा विभाग सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला विभाग है। पूर्व छात्र एवं शिक्षक डॉ. संतोष बाजयेपी ने कहा तीन दशक से ज्यादा समय में अध्ययन करने वाले विद्यार्थी पूरी गर्मजोशी के साथ एक दूसरे मिल रहे हैं। डॉ. शारदा कश्यप पूर्व संचालक शारीरिक शिक्षा विभाग ने कहा कि पूर्व छात्रों का यह पहला अधिवेशन है। खेल और खिलाड़ी के लिए खेल भावना सर्वेपरि है। खेल हमें टीम भावना सिखाता है।
कार्यक्रम में शारीरिक शिक्षा विभाग के पहले संचालक स्व. प्रो. पी.सी. त्रिपाठी के सुपुत्र शिवम त्रिपाठी ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में बहुत सारे विकास कार्य हुए हैं। विभाग से और बेहतरीन खिलाड़ी निकलेंगे।
उद्घाटन कार्यक्रम में डॉ. आदर्श तिवारी की किताब का विमोचन मंचस्थ अतिथियों द्वारा किया गया। इस अवसर पर मंचस्थ अतिथियों का स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। संचालन डॉ. आदर्श तिवारी संचालक शारीरिक शिक्षा विभाग पंडित एस.एन. शुक्ला विश्वविद्यालय शहडोल ने किया व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रत्नेश सिंह सह-प्राध्यापक शारीरिक शिक्षा विभाग ने किया।
मलेशिया के विश्वविद्यालय का अंतरराष्ट्रीय सहयोगी
गुरू घासीदास विश्वविद्यालय (Guru Ghassidas Vishwavidayalaya Koni, Bilaspur, (C.G.)) मलेशिया केलेंटन विश्वविद्यालय द्वारा रिसर्च एंड इनोवेशन टूवड्र्स सस्टेनेबल फूड सिस्टम विषय पर आयोजित चौथे पोस्टग्रेजुएट सिम्पोजियम में अंतरराष्ट्रीय सहयोगी के रूप में जुड़ा।
फैकल्टी ऑफ एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री मलेशिया केलेंटन विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय सहयोगी बनने पर गुरु घासीदास विश्वविद्यालय हेतु प्रशंसा पत्र जारी किया गया है।
इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में गुरू घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर के जीव विज्ञान विद्यापीठ एवं मलेशिया केलेंटन विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन मोड में आयोजित कराया गया। इसमें जोग्जाकार्ता वि.वि. इन्डोनेशिया, योगी बेमाना वि.वि. आन्ध्रप्रदेश, प्रिंसस ऑफ नाराधिवाश वि.वि., थाइलैंड, विक्रम सिम्हपुरी वि.वि. आन्ध्रप्रदेश ने भी सहयोगी के रूप में जुड़े।
इस सिम्पोजियम में जीवन विज्ञान विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. एल.वी.के.एस. भास्कर मुख्य सहयोगी डॉ. सीमा राय, सह प्राध्यापक, जन्तु विज्ञान विभाग एवं डॉ. एसके शाही सह प्राध्यापक, वनस्पति विभाग ने आयोजन सचिव के रूप में सहभागिता की। वनस्पति विज्ञान विभाग के सह-प्राध्यापक डॉ. अश्विनी कुमार दीक्षित ने अतिथि व्याख्यान दिया।
