- डॉ. एच. एस. गुप्ता के करकमलों से हुआ विमोचन, छत्तीसगढ़ भूगोल परिषद वर्ष 2017 से करा रही है राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार
रायपुर| छत्तीसगढ़ भूगोल परिषद ( Chhattisgarh Geographical Society ) द्वारा प्रकाशित शोध पत्रिका ज्योग्राफर्स टुडे (Geographers Today) का विमोचन शनिवार 24 अक्टूबर 2026को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वरिष्ठ भूगोलवेत्ता डॉ. एच. एस. गुप्ता के निवास स्थान पर उनके करकमलों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर नगर के वरिष्ठ भूगोलवेत्ता डा. जे. पी. शिवहरे, संस्थापक अध्यक्ष, डा. टी. एल. वर्मा, पूर्व अध्यक्ष, डा. डी. डी. कश्यप, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भूगोल परिषद्, डा. पी. एल. चंद्राकर, सचिव, प्रो. शाीलाश्रीधर, डा. गीता राय, डा. राजवंश कौर कोहली, डा. पूर्णिमा शुक्ला, डा. आर. एन. यादव, श्री आयुशमान मिश्रा, सहित भूगोल विषय से जुड़े विद्वान उपस्थित थे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस अवसर पर डा. गुप्ता ने अपने उदबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ भूगोल परिषद का गठन प्रो. एच. एस. गुप्ता के नेतृत्व एवं डा. जे. पी. शिवहरे के सहयोग से शासकीय बिलासा कन्या महाविद्यालय में किया गया। परिषद का पंजीयन डा. टी. एल. वर्मा के प्रयास से सफल हुआ। इसके पश्चात् वर्मा जी के द्वारा दो बार राष्ट्रीय सेमीनार कराया गया। डा. डी. डी. कश्यप, डा. शीलाश्रीधर, डा. अनिल मिश्रा, डा. अनिल सिंहा एवं कोरोना काल में आनलाइन मोड पर डा. पूर्णिमा शुक्ला एवं डा. पी. एल. चंद्राकर ने संयुक्त रूप से राष्ट्रीय सेमीनार कराया। इसमें देश के वरिष्ट एवं युवा भूगोलवेता सम्मिलित होते हैं और अलग-अलग भौगोलिक विषयों पर शोध और परिचर्चा प्रस्तुत और आयोजित किए जाते हैं। युवा भूगोलवेताओं को प्रोत्साहित करने के पुरस्कार प्रदान किया जाता है। अब तक परिषद के माध्यम से 09 राष्ट्रीय सेमीनार का आयोजन किया जा चुका है।

डा. गुप्ता ने कहा कि यह पत्रिका भौगोलिक क्षेत्र की एक प्रतिष्ठित पत्रिका बनेगी। इसमें विशेषकर प्रदेश के संसाधनों का सर्वेक्षण एवं विश्लेषण प्रकाशित हो सकेगा। इस पत्रिका की सराहना डा. गुप्ता के साथ-साथ उपस्थित सभी भूगोलवेताओं ने की। यह पत्रिका अंग्रेजी एवं हिन्दी दोनों माध्यम में प्रकाशित की जा रही है।
छत्तीसगढ़ की पहली भौगोलिक शोध पत्रिका के रूप में प्रस्तुत ज्योग्राफर्स टुडे का मुख्य उद्देश्य भूगोल विषय में शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा देना, शोधकर्ताओं को प्रकाशन का मंच उपलब्ध कराना तथा छत्तीसगढ़ की भौगोलिक विशेषताओं और क्षेत्रीय समस्याओं पर वैज्ञानिक अध्ययन को प्रोत्साहित करना है। परिषद के लगभग 150 आजीवन सदस्य हैं।
छत्तीसगढ़ भूगोल परिषद वर्ष 2017 से प्रतिवर्ष राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार आयोजित करती आ रही है। परिषद के माध्यम से अब तक सात राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार आयोजित किए जा चुके हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों के भूगोलवेत्ताओंए प्राध्यापकोंए शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को एक साझा अकादमिक मंच प्रदान करना है। इन कार्यक्रमों में युवा भूगोलवेत्ताओं को उनके योगदान के लिए पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है तथा भूगोल विषय से संबंधित शोधए नवाचार और अन्य अकादमिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाता है।
परिषद का प्रयास है कि युवा पीढ़ी में भौगोलिक अध्ययन के प्रति रुचि विकसित होए नए शोधकर्ताओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलें तथा भूगोल विषय का निरंतर विकास हो। राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार और शोध पत्रिका का नियमित प्रकाशन इसी उद्देश्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।
पत्रिका के विमोचन को छत्तीसगढ़ में भूगोल विषय के शोध, ज्ञान-विस्तार और अकादमिक संवाद को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परिषद को उम्मीद है कि ज्योग्राफर्स टुडे के माध्यम से प्रदेश की भौगोलिक विविधता, प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरणीय चुनौतियों तथा सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों से जुड़े शोध कार्यों को व्यापक पहचान मिलेगी। पत्रिका के अगामी अंक में शोध पत्र प्रकाशन हेतु वेब साइट में संपूर्ण जानकारी उपलब्ध है। इस पत्रिका का ISSN न. 3139-9568 है। यह वार्षिक, पीयर रीव्यू रेफर्ड जनरल है। यह जानकारी डा. पी. एल. चंद्राकर, सचिव छत्तीसगढ़ भूगोल परिषद ने दी है |
