- 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर चक्रतीर्थ पर हरिसंकरी रोपण कर शुरू हुआ अभियान
लखनऊ | सामाजिक संगठन लोक भारती ( Lok Bharti Awadh Prant ) द्वारा सीतापुर के पवित्र तीर्थ नैमिषारण्य के 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर ‘हरिशंकरी रोपण अभियान’ की शुरुआत आज 24 अक्टूबर 2026 से की जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य तीर्थ क्षेत्रों को पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक आस्था से जोड़ना है।
यह विशेष वृक्षारोपण अभियान आज 24 अक्टूबर से 29 अक्टूबर 2026 तक चलाया जाएगा। लोक भारती ( Lok Bharti ) के संगठन सचिव श्रीकृष्ण चौधरी ने बताया नैमिषारण्य में वैदिक काल से 84 कोसी परिक्रमा निरंतर संचालित हो रही है, जिसमें 84 कोसी नाम तो दिया गया है, परंतु कहीं भी कोस का कोई उल्लेख नहीं है और ना ही यह विवरण है कि कौन से ऋषि किस स्थान पर (आश्रमों पर) रहे हैं। उन्होंने बताया इसलिए यह अभियान शुरू किया जा रहा है | इस यात्रा की शुरुआत आज 24 अक्टूबर को सुबह 9 बजे नैमिषारण्य के पवित्र चक्रतीर्थ पर हरिशंकरी का पौधा रोपकर की गई है।
क्या है हरिशंकरी : इसके तहत परिक्रमा मार्ग के प्रत्येक कोस (लगभग हर 3 किलोमीटर) पर एक ही थाले (गड्ढे) में पीपल, बरगद और पाकड़ के पौधे एक साथ रोपित किए जाते हैं, जिसे ‘हरिशंकरी’ कहा जाता है। उन्होंने आगे बताया लोक भारती द्वारा उत्तर प्रदेश के चार परिक्रमा स्थानों (अयोध्या चित्रकूट ब्रज नैमिषारण्य) हर कोस पर हरिसंकरी (पीपल बरगद पाकड ) स्थापित कर हरिशंकरी माला अभियान का संचालन किया जा रहा है। इसलिए लोक भारती द्वारा 84 स्थानों पर ऋषियों के नाम से कोस पड़ाव स्थापना एवं परिक्रमा पथ पर 11 मुख्य पड़ावों पर आयोजन हेतु आज 24 अक्तूबर से 29 अक्तूबर तक यह कार्य शुरू हो रहां है |
