- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 12 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ की वन-टू-वन बैठक
- मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख सेमीकंडक्टर एवं तकनीकी केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- ढाई वर्ष में 25 से अधिक नीतियां बनाकर निवेश और औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं के खोले द्वार
इंदोर | मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर उद्योग का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में शुक्रवार से इंदौर में दो दिवसीय मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 ( MP Semiconductor Summit 2026 ) का शुभारंभ हुआ| ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया . इस अवसर पर उन्होने ‘सेमीकंडक्टर हब के रूप में मध्य प्रदेश का विजन’ पेश किया. इस समिट में देश-विदेश की कंपनियों के प्रतिनिधि, निवेशक, उद्योग विशेषज्ञ, शिक्षाविद और स्टार्टअप भाग ले रहे हैं. इस अवसर पर उपस्थित निवेशकों को आगामी GIS (Global Investors Summit) 2027 में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 ( MP Semiconductor Summit 2026 ) के माध्यम से प्रदेश में लगभग 5 हजार 800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। समिट में 1 हजार से अधिक प्रतिनिधियों और जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान एवं स्वीडन के प्रतिनिधिमंडलों की सहभागिता प्रदेश में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक रुचि को दर्शाती है। दो दिवसीय समिट में 8 पैनल चर्चाएं, 5 राउंडटेबल और 6 की-नोट उद्बोधन आयोजित किए जा रहे हैं। समिट में मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2026 पर हितधारक चर्चा और एमपी सेमीकॉन स्टार्टअप चैलेंज भी आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में “मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026” ( MP Semiconductor Summit 2026 ) के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र ( MP Semiconductor Summit 2026 ) में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कभी असंभव लगने वाले विषय आज वास्तविकता बन रहे हैं। सभी क्षेत्रों में समान रूप से आगे बढ़ने के लिए राज्यों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण उपलब्ध है। मध्यप्रदेश भी देश के साथ कदम मिलाकर तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोविड काल में सेमीकंडक्टर चिप की कमी से वैश्विक स्तर पर विकास गतिविधियां प्रभावित हुई थीं। इससे इस क्षेत्र की आर्थिक और सामरिक महत्ता स्पष्ट हुई है। मध्यप्रदेश सरकार सेमीकंडक्टर क्षेत्र ( MP Semiconductor Summit 2026 ) में निवेश को प्रोत्साहित कर प्रदेश को देश के प्रमुख तकनीकी केंद्रों में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
निवेश और रोजगार: पहले दिन विभिन्न कंपनियों के साथ हुई चर्चा के दौरान मध्यप्रदेश को ₹5,800 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 10,000 से ज्यादा रोजगार के अवसर संभावित हैं।
प्रमुख घोषणाएं:
• प्रदेश में सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा फोटोनिक्स एवं क्वांटम टेक्नोलॉजीज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ( MP Semiconductor Summit 2026 ) स्थापित किए जाएंगे।
• इंदौर-उज्जैन इकोनॉमिक कॉरिडोर को सेमीकंडक्टर और हाई-टेक उद्योगों के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।
