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सेमरताल। नवरात्रि के पंचम दिवस पर शासकीय प्राथमिक शाला सेमरताल में कन्या भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नवदुर्गा की आकर्षक झांकी से हुई। नन्हीं बालिकाओं को नवदुर्गा के रूप में सजाया गया था। छोटे-छोटे बच्चों ने साड़ी और सोलह श्रृंगार कर “जय माता दी” के जयघोष के साथ सबका मन मोह लिया।

इस अवसर पर शाला विकास समिति के अध्यक्ष अमित राव मराठा,शैक्षिक समन्वयक ओमप्रकाश वर्मा, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सेमरताल की प्रधान पाठक शांति तिर्की प्रदीप कुमार मुखर्जी उ व शिक्षक अनिता बोरकर बोरकर सुमन राजेन्द्र कौशिक क्रांति सिंगरौल विशेष रूप से उपस्थित रहे। धार्मिक रीति-रिवाज के साथ प्रधान पाठक इंदिरा कश्यप, श्वेता द्विवेदी, बालमुकुंद शर्मा, नीलिमा निकोसे, अनुपमा गौरहा, बीना ठाकुर, नमिता मिश्रा ने नवदुर्गा की पूजा-अर्चना एवं आरती की। पूजन के पश्चात सभी विद्यार्थियों को रिबन, चॉकलेट, बिंदी, बक्कल, रुमाल, आईना, कंघी आदि वितरित किया गया। तत्पश्चात मध्यान्ह भोजन के तहत सभी को खीर, पूड़ी और केला प्रसाद के रूप में दिया गया।

बेटी में ही दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती का रूप : वर्मा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओमप्रकाश वर्मा ने कहा कि नवरात्रि केवल व्रत और पूजा का पर्व नहीं, बल्कि नारी शक्ति के सम्मान का पर्व है। कन्या भोज का उद्देश्य यह भाव जगाना है कि हर बेटी में दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती का वास है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि हमें सद्ज्ञान, स्वच्छता, सौहार्द, भाईचारा और मातृशक्ति के सम्मान की सीख देती है। मां दुर्गा दुष्टों का संहार कर अच्छाई की रक्षा करती हैं, हमें भी बुराई को छोड़कर सच्चाई और मेहनत के रास्ते पर चलना चाहिए, यही सच्ची पूजा है।
अंत में आभार व्यक्त बालमुकुंद शर्मा जी किया।
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