लखनऊ। लुआक्टा अध्यक्ष डॉ. मनोज पाण्डेय और महामंत्री डॉ. अंशु केडिया ने आज उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षक/शिक्षणेतर कर्मचारियों के वेतन हेतु अनुदान निर्गत में बार-बार हो रहे विलंब के संबंध में पत्र लिखा है . शिक्षक नेताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की है .
शिक्षक नेताओं ने इस पात्र में लिखा है कि उत्तर प्रदेश के 331 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों/शिक्षणेतर कर्मचारियों के वेतन संदाय हेतु शासन द्वारा अनुदान निर्गत करने में विगत कुछ माह से बार-बार विलंब हो रहा है। इन महाविद्यालयों में लगभग 20,000 से अधिक शिक्षक/शिक्षणेतर कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनका भरण-पोषण तथा पारिवारिक दायित्व पूर्णतः समय पर प्राप्त होने वाले वेतन पर निर्भर है।
अधिकांश शिक्षक/शिक्षणेतर कर्मचारी अपने तथा अपने परिवार के भविष्य, बच्चों की शिक्षा, आवास एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं के लिए बैंक ऋण, मासिक किस्तों तथा एस.आई.पी. जैसी व्यवस्थित बचत योजनाओं से जुड़े हुए हैं। अनुदान में विलंब के कारण वेतन समय पर न मिलने से इन किस्तों एवं अन्य देय राशियों का भुगतान समय से नहीं हो पाता। परिणामस्वरूप अनावश्यक आर्थिक दंड, विलंब शुल्क तथा कई बार डिफॉल्टर की श्रेणी में आ जाते हैं, जिससे उन्हें गंभीर मानसिक एवं आर्थिक कष्ट होता है।
संघ की ओर से विभागीय प्रमुख सचिव से अनुरोध है कि अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षकों/शिक्षणेतर कर्मचारियों के वेतन हेतु अनुदान तत्काल निर्गत करने एवं आगामी वेतन हेतु संबंधित को आवश्यक निर्देश जारी करने का कष्ट करें, ताकि सभी को समय पर वेतन प्राप्त हो सके और उन्हें अनावश्यक आर्थिक एवं मानसिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।
