- प्रधानमंत्री ने योग के बढ़ते वैश्विक प्रभाव पर प्रकाश डाला, ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026’ में अधिक से अधिक भागीदारी का आह्वान किया
नई दिल्ली, 05 जून , प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वास्थ्य, खुशहाली और सक्रिय जीवन शैली के लिए एक वैश्विक आंदोलन के तौर पर योग की परिवर्तनकारी शक्ति पर ज़ोर दिया है। प्रधानमंत्री ने 04 जून को अहमदाबाद में पहले विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब दुनिया भर के देश 21 जून 2026 को “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” विषय के तहत 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की तैयारी कर रहे हैं।
योग की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का ज़िक्र करते हुए, प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की स्थापना के लिए भारत की सफल पहल को याद किया, जिसे दुनिया भर के देशों से अभूतपूर्व समर्थन मिला था। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि योग, ध्यान और प्राणायाम अब लाखों लोगों के दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बन गए हैं, जो बेहतर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में योगदान दे रहे हैं।
इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की विषय वस्तु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, श्री मोदी ने कहा कि हर जगह लोग अपने पूरे जीवन भर स्वस्थ, सक्रिय और काम करने लायक बने रहने के लिए टिकाऊ तरीकों की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने योग को इस उद्देश्य को प्राप्त करने का सबसे प्रभावी और सुलभ माध्यम बताया, और सभी आयु समूहों में निवारक स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में इसकी भूमिका पर ज़ोर दिया।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप ऐसे समय में आयोजित की जा रही है, जब अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियाँ दुनिया भर में ज़ोर पकड़ रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोहों से पहले इस कार्यक्रम को “स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती की दोहरी खुराक” बताते हुए, उन्होंने कहा कि ऐसी पहल योग के बारे में जागरूकता बढ़ाने और लोगों की ज़्यादा भागीदारी को प्रेरित करने में योगदान देती हैं।
श्री मोदी ने आयुष मंत्रालय की ‘योग 365’ पहल के ज़रिए पूरे साल योग से जुड़े रहने को बढ़ावा देने के भारत सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला। अलग-अलग देशों के प्रतिभागियों से योग का संदेश अपने समुदायों तक पहुँचाने का आह्वान करते हुए, उन्होंने उन्हें ‘योग 365’ का एम्बेसडर बनने और दुनिया भर में योग के फ़ायदों के बारे में जागरूकता फैलाने में मदद करने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि योग समग्र स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती पाने का एक शक्तिशाली माध्यम है, जिसमें बहुत कम संसाधनों की ज़रूरत होती है, लेकिन इसके फ़ायदे जीवन भर मिलते हैं। लोगों से योग को अपनी रोज़ाना की दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आग्रह करते हुए, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि नियमित योग बीमारियों को रोकने और ज़्यादा स्वस्थ समाज बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
आयुष मंत्रालय, प्रधानमंत्री के प्रेरणादायक संदेश का स्वागत करता है और ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026’ तथा ‘योग 365’ अभियान के माध्यम से योग के प्रसार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है। “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” विषय के साथ, इस वर्ष के समारोहों का उद्देश्य सभी आयु वर्ग के लोगों को स्वास्थ्य, जीवन-शक्ति और सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग को एक आजीवन साथी के रूप में अपनाने हेतु प्रोत्साहित करना है।
जैसे-जैसे दुनिया ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026’ की ओर बढ़ रही है, मंत्रालय भारत और विदेशों में रहने वाले नागरिकों, संस्थानों और समुदायों को इन समारोहों में भाग लेने तथा योग के माध्यम से एक स्वस्थ और अधिक सुदृढ़ भविष्य की दिशा में चलाए जा रहे सामूहिक अभियान से जुड़ने के लिए आमंत्रित करता है।
