भोपाल , 23 मई , एनआईटीटीटीआर भोपाल में भारतीय ज्ञान परंपरा विभाग (IKS) एवं भारतीय शिक्षण मंडल ( Bharatiya Shikshan Mandal ) द्वारा “भारतीय ज्ञान परंपरा-आनंदशाला” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। । बीज वक्ता के रूप में भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल भारतीय संयुक्त महामंत्री श्री पंकज नाफड़े ने कहा कि “शिक्षा” केवल एक भौतिक ढांचा है, जबकि “विद्या” संस्कारों एवं जीवन मूल्यों का संचार करती है। भारत पर अनेक विदेशी आक्रमण हुए, किन्तु वे भारत के नैतिक संस्कारों एवं सांस्कृतिक आधार को कभी नहीं तोड़ पाए। “श्रुति” एवं “स्मृति” की परंपरा ने भारतीय ज्ञान को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत बनाए रखा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा का मूल आधार “एकात्म दृष्टि” है, जो मानव, प्रकृति एवं समाज के मध्य समन्वय स्थापित करती है। इसके पश्चात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय महामंत्री, भारतीय शिक्षण मंडल ( Bharatiya Shikshan Mandal ) डॉ. भरत शरण सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा के माध्यम से भारत को केवल “रिफ्रेश” ही नहीं बल्कि “ट्रांसफॉर्म” होने की आवश्यकता है। भारतीय ज्ञान परंपरा भारत के उन “मिसिंग कंपोनेंट्स” को पुनर्स्थापित एवं पुनर्जीवित करने की क्षमता रखती है, जो समय के साथ कमजोर हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि विदेशी मानसिकता से मुक्त होकर भारतीय संस्कारों, मूल्यों एवं चिंतन को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया जाए। भारतीय ज्ञान परंपरा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि भविष्य के भारत की दिशा भी निर्धारित कर सकती है।
Bharatiya Shikshan Mandal News : अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए निटर भोपाल के निदेशक डॉ. सी.सी. त्रिपाठी ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा प्रणाली के साथ जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। भारतीय ज्ञान प्रणाली विद्यार्थियों को केवल रोजगारपरक शिक्षा ही नहीं देती, बल्कि उन्हें नैतिकता, आत्मविश्वास, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानवीय मूल्यों से भी जोड़ती है। तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के साथ भारतीय चिंतन का समावेश समय की आवश्यकता है, जिससे भावी पीढ़ी वैश्विक प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति से भी जुड़ी रहे।
Latest Bharatiya Shikshan Mandal news : इस कार्यक्रम में निटर भोपाल से भारतीय ज्ञान परंपरा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पी.के. पुरोहित व भारतीय शिक्षण मंडल के प्रांत अध्यक्ष डॉ. हरिहर बसंत गुप्ता, प्रांत मंत्री डॉ. मनीषा गर्ग, शेखर करहाडकर जी , अरविंद चौहान जी, राजू पाटील जी, प्रीती देवासकर, भोपाल महानगर जिला अध्यक्ष के टी चतुर्वेदी, जिला मंत्री आकाश भूषण दुबे सहित भोपाल के स्थानीय कार्यकर्ता , शिक्षाविद तथा विभिन्न राज्यों के शिक्षक उपस्थित थे।
