
- समग्र शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षिका को 10 विद्यालयों में इस प्रशिक्षण को करने का आदेश मिला। सभी विद्यालयों में बच्चों के व्यवहार, एकाग्रता और आत्मविश्वास में जबरदस्त सुधार दर्ज किया गया।
- बेमेतरा जिले से प्रशिक्षण के लिए आमंत्रण मिला, जहाँ भी विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय परिणाम दिए। इसी क्रम में कबीरधाम जिले के पुलिस अधीक्षक ने भी उन्हें विशेष प्रशिक्षण के लिए बुलाया।
कवर्धा, 10 अक्तूबर , शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार की मिसाल पेश करते हुए शिक्षिका विधि तिवारी ने “मिडब्रेन एक्टिवेशन ट्रेनिंग” की शुरुआत अपने ही विद्यालय से वर्ष 2022 में की थी। शुरुआत में उन्होंने मात्र 10 बच्चों पर यह प्रक्रिया लागू की, और परिणाम इतने उत्साहजनक रहे कि बच्चों में ध्यान, एकाग्रता और स्मरण शक्ति में उल्लेखनीय सुधार देखा गया।
बच्चों के अटक-अटक कर पढ़ने की आदत में सुधार, आंख पर पट्टी बांधकर रंगों और चित्रों की पहचान जैसी अद्भुत क्षमताएं विकसित होने लगीं। इन परिणामों को देखते हुए समग्र शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षिका को 10 विद्यालयों में इस प्रशिक्षण को करने का आदेश मिला। सभी विद्यालयों में बच्चों के व्यवहार, एकाग्रता और आत्मविश्वास में जबरदस्त सुधार दर्ज किया गया।
इसके बाद उनका कार्यक्षेत्र तेजी से विस्तारित हुआ — बेमेतरा जिले से प्रशिक्षण के लिए आमंत्रण मिला, जहाँ भी विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय परिणाम दिए। इसी क्रम में कबीरधाम जिले के पुलिस अधीक्षक ने भी उन्हें विशेष प्रशिक्षण के लिए बुलाया। बच्चों में सकारात्मक परिवर्तन देखकर यह पहल और मजबूत होती गई।
विधि तिवारी बताती हैं, “ध्यान (Meditation) सब जानते हैं कि जरूरी है, लेकिन कैसे किया जाए, यह बहुत कम लोगों को ज्ञात है। मैंने इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जोड़ा और बच्चों के लिए सरल विधि तैयार की।”
उनके नवाचार और शोध को देखते हुए राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) तथा NCERT ने भी उनके कार्य की सराहना की। विधि तिवारी को तीन माह का पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मिडब्रेन एक्टिवेशन पर कार्य करने का अवसर दिया गया, जहाँ उन्होंने ऑफलाइन मॉडल के माध्यम से प्रशिक्षण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया।
लगातार प्राप्त सकारात्मक परिणामों के बाद उन्होंने इस प्रशिक्षण को एक पुस्तक के रूप में संकलित किया है, ताकि अधिक से अधिक शिक्षक और विद्यार्थी इसका लाभ ले सकें। वर्तमान में वे इस पद्धति को अपने जिले में शामिल करवाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी के सहयोग से प्रस्ताव SCERT को भेज चुकी हैं। अब तक विधि तिवारी द्वारा 4000 से अधिक बच्चों को मिडब्रेन एक्टिवेशन और ध्यान प्रशिक्षण दिया जा चुका है — जिनमें सभी बच्चे, सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी, और अन्य निजी स्कूलों के बच्चे शामिल हैं।
उनका लक्ष्य है कि आने वाले समय में यह प्रक्रिया पूरे छत्तीसगढ़ में शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच पहुँचे और इसे विद्यालयों के नियमित पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए।
शिक्षिका कहती हैं —
“मेरा उद्देश्य है कि ध्यान और मिडब्रेन एक्टिवेशन के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और एकाग्रता बढ़े। अगर बच्चे अपने भीतर की ऊर्जा को पहचानें, तो समाज में बढ़ती आत्महत्या जैसी समस्याओं को भी रोका जा सकता है।”
trending video
