
अब सप्ताह में दो दिन साइकल से आएंगे स्कूल
बिलासपुर. प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण जरूरी है। आने वाली पीढिय़ों के लिए जल, पेट्रोल और डीजल जैसे संसाधन बचाने के लिए जागरूकता आनी चाहिए। हम बच्चों को सायकल से स्कूल आने के लिए कहते हैं. हमको भी इसका पालन करना चाहिए।
इसी भाव से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में स्थित सरस्वती शिशु मंदिर तिलक नगर के शिक्षकों ने एक अनोखा संकल्प लिया है। यहां के वरिष्ठ शिक्षक संस्कार श्रीवास्तव, राजेंद्र देवांगन, नंदकिशोर यादव और भुवन यादव ने अब सप्ताह में कम से कम 2 दिन साइकिल से स्कूल आने का संकल्प लिया है। इसके अलावा साइकिल अधिकाधिक उपयोग करने का संकल्प भी लिया है। इनमें से एक वरिष्ठ शिक्षक संस्कार श्रीवास्तव का कहना है कि पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए हर नागरिक को यह संकल्प लेना जरूरी हो गया है। सामूहिक प्रयास से पेट्रोल- डीजल की डिमांड को कम किया जा सकता है. वहीं साइकिलिंग बेस्ट एक्सरसाइज भी मानी जाती है. जिससे हम स्वास्थ्य को अच्छा रख सकते हैं.
पर्यावरण में बच्चों को पढ़ाया जाता है कि ईंधन का जलना एक अपरिवर्तनीय परिवर्तन है. इसे जलाने के बाद अपने मूल रूप में परिवर्तित नहीं किया जा सकता है। इसलिए पेट्रोल डीजल बचाने को एक आंदोलन के रूप में शुरू करना चाहिए।
संस्कार श्रीवास्तव वरिष्ठ शिक्षक सशिमं बिलासपुर, छत्तीसगढ़
